मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का बिना मास्क निरीक्षण किया। 40 साल पुराने रासायनिक कचरे के निष्पादन के बाद अब यहाँ गैस त्रासदी स्मारक बनाया जाएगा।
इंदौर के भागीरथपुरा जल कांड को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। जीतू पटवारी और उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रशासन के प्रतिबंधों को चुनौती दी। जानें पुलिस और नेताओं के बीच हुई तीखी बहस और कांग्रेस की आगामी रणनीति।
3 दिसंबर-1984 की रात विश्व इतिहास में दर्ज सबसे भयावह औद्योगिक लापरवाही का प्रतीक है। मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) जैसी अत्यंत विषैली गैस ने कुछ ही घंटों में हजारों लोगों की जान ले ली। लेकिन मौत का सिलसिला यहीं नहीं रुका।
1984 की भोपाल गैस त्रासदी के दर्द को दिखातीं फिल्में और वेब सीरीज कौन सी हैं? जानें 'द रेलवे मेन', 'भोपाल एक्सप्रेस' और अन्य डॉक्युमेंट्रीज़ जिन्होंने 40 साल बाद भी जख्मों को रखा ज़िंदा।
चित्रकूट जिले के मारकुंडी थाना क्षेत्र में गुटखे की लत ने एक परिवार तबाह कर दिया। मां ने गुटखा न मिलने पर अपनी दो मासूम बेटियों संग जहर खाकर जान दे दी। पति की जद्दोजहद के बावजूद तीनों की मौत हो गई, 4 साल का बेटा सुरक्षित है।
उत्तरकाशी के धराली में त्रासदी के बाद भारी हुई है। चारों तरफ बर्बादी का मलबा पसरा हुआ है। इस बीच प्रशासन के द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। शुक्रवार को रेस्क्यू आपरेशन का चौथा दिन है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों दिन रात बिना रुके काम में जुटी हुई हैं।



















