हिंदू धर्म में तेरहवीं (मृत्युभोज) एक पवित्र कर्म है, पर ज्योतिषियों के अनुसार कुछ लोगों को इससे बचना चाहिए। जानें क्यों गर्भवती महिलाएं, तपस्वी और बीमार व्यक्ति मृत्युभोज में शामिल न हों। इसका पालन पितरों की शांति और अपनी पवित्रता के लिए क्यों जरूरी है, जानें।

स्टार समाचार वेब.
हिंदू धर्म में तेरहवीं या मृत्युभोज का आयोजन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि मृत आत्मा की शांति और पितरों के तर्पण का एक धार्मिक कर्म है। यह अंतिम संस्कार के बाद 13 दिनों की शुद्धि और पवित्रता के बाद किया जाता है। हालांकि, ज्योतिषियों और पंडितों का कहना है, कुछ विशेष व्यक्तियों को इस भोज में शामिल होने से बचना चाहिए ताकि कर्मों की पवित्रता बनी रहे और पितरों को सच्ची श्रद्धांजलि मिल सके।
गर्भवती महिलाओं को:
यह माना जाता है कि शोक से जुड़े आयोजनों की ऊर्जा गर्भवती स्त्री और उसके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए संवेदनशील हो सकती है। ऐसे वातावरण का नकारात्मक प्रभाव गर्भस्थ शिशु के विकास पर पड़ सकता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को न केवल मृत्युभोज से, बल्कि अंतिम संस्कार और श्राद्ध कर्मों से भी दूर रहने की सलाह दी जाती है।
तपस्वी जीवन जीने वालों को:
जो व्यक्ति संयम और साधना के मार्ग पर हैं, जैसे कि ब्राह्मण, संत, योगी या तपस्वी, उन्हें ऐसे शोक के आयोजनों में भाग नहीं लेना चाहिए। ये लोग सांसारिक मोह-माया और मृत्यु के प्रभाव से दूर रहते हैं, और ऐसे वातावरण से बचना उनके आध्यात्मिक मार्ग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
बीमार व्यक्तियों को:
शारीरिक रूप से कमजोर या पहले से बीमार लोगों के लिए मृत्युभोज में शामिल होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे आयोजनों में भीड़, विशेष वातावरण या भोजन उनके स्वास्थ्य को और बिगाड़ सकता है। साथ ही, ऊर्जा के स्तर पर भी यह स्थान उनके लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
2 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग देखें। आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी प्राप्त करें।
2 जुलाई 2026 का मूलांक फल: जानें आज का दिन मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए कैसा रहेगा। क्या आज आपको सफलता मिलेगी या सावधानी बरतनी होगी? पढ़िए विस्तृत अंक ज्योतिष।
2 जुलाई 2026 का विस्तृत राशिफल। जानिए आज मेष से मीन राशि तक का भाग्य, करियर और स्वास्थ्य के लिए कैसा रहेगा। अपने दिन को बेहतर बनाने के लिए पढ़ें आज का राशिफल।
1 जुलाई 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आज का दिन। करियर, व्यापार, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन से जुड़ी भविष्यवाणी।
1 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग देखें। आज की तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय और देवशयनी एकादशी के महत्व के बारे में संपूर्ण जानकारी यहाँ उपलब्ध है।
1 जुलाई 2026 के लिए अंक ज्योतिष आधारित राशिफल। जानें मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।
उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा पर भस्म आरती का भव्य आयोजन। बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार और मंदिर की सभी आरतियों का संशोधित समय यहाँ देखें।
जानें 30 जून 2026 के लिए अपना दैनिक राशिफल। करियर, स्वास्थ्य, प्रेम और आर्थिक स्थिति के लिए कैसा रहेगा आज का दिन? सभी 12 राशियों का सटीक ज्योतिषीय विश्लेषण यहाँ पढ़ें।
30 जून 2026 के पंचांग के अनुसार भोपाल के लिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र और योग की विस्तृत जानकारी यहाँ देखें
जानें 30 जून 2026 के लिए सभी मूलांकों (1-9) का भाग्यफल। अंकज्योतिष के अनुसार आज का दिन आपके करियर, स्वास्थ्य और संबंधों के लिए कैसा रहेगा? विस्तार से पढ़ें।