बाजार की गिरावट का नेतृत्व आईटी और रियल्टी शेयरों ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.59 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.50 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और सर्विसेज इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक के दबाव के साथ बंद हुए।
By: Prafull tiwari
Aug 28, 202519 hours ago
मुंबई । भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 705.97 अंक या 0.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,080.57 और निफ्टी 211.15 अंक या 0.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,500.90 पर था। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 718.70 अंक या 1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,047.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 254.25 अंक या 1.45 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,294.35 पर था।
बाजार की गिरावट का नेतृत्व आईटी और रियल्टी शेयरों ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.59 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.50 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, प्राइवेट बैंक और सर्विसेज इंडेक्स एक प्रतिशत से अधिक के दबाव के साथ बंद हुए। सेंसेक्स पैक में टाइटन, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक और एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स थे। एचसीएल टेक, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, टाटा स्टील और ट्रेंट टॉप लूजर्स थे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 1,458 शेयर हरे निशान में, 2,651 शेयर लाल निशान में और 149 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ लागू होने के बाद नकारात्मक धारणा के चलते घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों का रुझान कमजोर हुआ। कपास आयात शुल्क में छूट ने टैरिफ के प्रभावों से निपटने के लिए नीतिगत समर्थन की उम्मीदों को कुछ समय के लिए बढ़ा दिया, जिससे अल्पकालिक इंट्राडे रिकवरी हुई, हालांकि बाजार लाल निशान में बंद हुआ। शेयर बाजार की शुरुआत लाल निशान में हुई थी। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 624 अंक या 0.77 प्रतिशत गिरकर 80,162 पर और निफ्टी 50 इंडेक्स 183.85 अंक या 0.74 प्रतिशत गिरकर 24,528 पर था।