भारतीय शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। प्रमुख बेंचमॉर्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 लाल निशान पर ट्रेड करते हुए ओपन हुए। दरअसल, आज भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला।
By: Arvind Mishra
Mar 23, 202610:18 AM

मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। प्रमुख बेंचमॉर्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 लाल निशान पर ट्रेड करते हुए ओपन हुए। दरअसल, आज भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला। शुरूआती कारोबार में सेंसेक्स 1,555.62 अंक गिरकर 72,977.34 पर आ गया। निफ्टी 479.95 अंक गिरकर 22,634.55 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 33 पैसे गिरकर 93.86 के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया।
बाजार गिरने की 3 बड़ी वजहें…
तेल बाजार में उथल-पुथल
कमोडिटी बाजार में भी भारी अस्थिरता बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड करीब 112 डॉलर प्रति बैरल और हळक 98.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा। सप्लाई बाधित होने की आशंका और वैश्विक मांग में गिरावट के डर के बीच कीमतें लगातार उतार-चढ़ाव में हैं।
तनाव के बावजूद सोने में गिरावट
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार उल्टा रुझान देखने को मिला। सोना करीब 2 फीसदी गिरकर 4,408 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। विश्लेषकों का कहना है कि मार्जिन कॉल के चलते निवेशक अपने मुनाफे वाले गोल्ड पोजिशन बेचकर इक्विटी में हुए नुकसान की भरपाई कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट
वैश्विक संकेत बेहद कमजोर रहे और एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा गिरकर 51,280 पर आ गया। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 2.20 प्रतिशत गिरकर 4,839 पर, हांगकांग का हैंगसेंग 3.41 फीसदी टूटकर 24,415 पर बंद हुआ। ताइवान का वेटेड इंडेक्स 2.65 प्रतिशत गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया।
अमेरिकी बाजार भी दबाव में
अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 0.96 प्रतिशत गिरकर 45,577 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 1.51 फीसदी की गिरावट रही और नैस्डैक 2 प्रतिशत टूटकर 21,647 पर आ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, तब तक वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और दबाव बना रह सकता है।
निवेशकों में दिख रही घबराहट
बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक, हालात तेजी से एस्केलेशन की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे निवेशकों में घबराहट साफ दिख रही है। अजय बग्गा ने कहा कि हफ्ते की शुरूआत बेहद अस्थिर माहौल में हुई है और निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर डॉलर जैसी सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी मनी मार्केट फंड्स का एयूएम 8 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है, जो इस सेफ्टी फ्लाइट को दर्शाता है।
48 घंटे का अल्टीमेटम बना ट्रिगर
बग्गा के अनुसार, बाजार में घबराहट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम है। इसमें कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोला जाए, जो फिलहाल युद्ध से पहले की क्षमता के सिर्फ 5 प्रतिशत पर चल रहा है, वरना ईरान के पावर ग्रिड को निशाना बनाया जा सकता है।