Zomato ने प्लेटफॉर्म फीस में 19% की बढ़ोतरी की है। अब ग्राहकों को ₹12.50 के बजाय ₹14.90 देने होंगे। जानें क्यों महंगा हुआ ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना और जोमैटो का अब तक का सफर।

नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क।
यदि आप ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के शौकीन हैं, तो अब आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। देश की दिग्गज फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने शुक्रवार से अपनी प्लेटफॉर्म फीस में 19% का इजाफा कर दिया है। पिछले 7 महीनों में यह दूसरी बार है जब कंपनी ने अपने शुल्कों में बढ़ोतरी की है।
जोमैटो के यूजर्स को अब हर फूड ऑर्डर पर ₹12.50 के बजाय ₹14.90 की प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यानी सीधे तौर पर प्रति ऑर्डर ₹2.40 की वृद्धि की गई है। ध्यान रहे कि यह फीस GST, रेस्टोरेंट चार्ज और डिलीवरी फीस से अलग है। GST जुड़ने के बाद ग्राहकों के लिए यह अंतिम राशि और भी अधिक हो जाएगी।
जोमैटो की मुख्य प्रतिद्वंदी कंपनी स्विगी (Swiggy) वर्तमान में टैक्स सहित लगभग ₹14.99 प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब भी इन दोनों में से कोई एक कंपनी फीस बढ़ाती है, तो दूसरी कंपनी भी जल्द ही अपने दाम बढ़ा देती है।
जोमैटो ने मुनाफा कमाने और मार्जिन सुधारने के लिए अगस्त 2023 में पहली बार ₹2 की प्लेटफॉर्म फीस शुरू की थी। इसके बाद जनवरी 2024: फीस बढ़कर ₹4 हुई। सितंबर 2025: 20% का इजाफा किया गया। मार्च 2026: अब इसे बढ़ाकर ₹14.90 कर दिया गया है।
कच्चे तेल की कीमतें: पेट्रोल-डीजल महंगा होने से डिलीवरी पार्टनर्स का खर्च और कंपनी की लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ गई है।
प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफा): जोमैटो अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए समय-समय पर इन शुल्कों में बदलाव करती रहती है।
जोमैटो की शुरुआत दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने साल 2008 में 'फूडीबे' (FoodieBay) नाम से एक रेस्टोरेंट डायरेक्टरी के रूप में की थी।
2010: कंपनी का नाम बदलकर 'जोमैटो' किया गया।
विस्तार: 2012 तक कंपनी श्रीलंका, यूएई और यूके जैसे देशों में पहुंच गई।
उपलब्धि: जोमैटो भारत का पहला फूड-टेक यूनिकॉर्न बना।
अधिग्रहण: अगस्त 2022 में जोमैटो ने ग्रॉसरी डिलीवरी के लिए ब्लिंकिट (Blinkit) का अधिग्रहण किया था।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।