मध्य प्रदेश के खरगोन में नर्मदा नदी के किनारे अज्ञात कारणों से 150 तोतों की मौत से हड़कंप मच गया है। हालांकि मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया जा रहा। प्रशासनिक अमला जांच के लिए पहुंचा है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है।
By: Arvind Mishra
Jan 02, 20261:02 PM
खरगोन। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के खरगोन में नर्मदा नदी के किनारे अज्ञात कारणों से 150 तोतों की मौत से हड़कंप मच गया है। हालांकि मौत का कारण फूड पॉइजनिंग बताया जा रहा। प्रशासनिक अमला जांच के लिए पहुंचा है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है। दरअसल, जिला मुख्यालय से 80 किमी दूर बड़वाह में नर्मदा नदी पर बने एक्वाडक्ट पुल के पास पिछले तीन दिनों में 150 तोतों की मौत के बाद इलाके में सनसनी फैली हुई है। तोतों की मौत के बाद शवों के पीएम के बाद पशु चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि इनकी मौत बर्ड फ्लू से नहीं, बल्कि विषाक्त भोजन और गलत खान-पान के कारण हुई है।
देखते-देखते तोड़ दिया दम
पिछले 72 घंटों में पुल के पास करीब 150 तोते मृत मिले हैं, जो बेहद चिंताजनक है। रेस्क्यू के दौरान कुछ तोते जिंदा भी मिले थे, लेकिन फूड पॉइजनिंग का असर इतना गहरा था कि कुछ ही देर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
कलेक्टर ने दिखाई तत्परता
खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश के बाद पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक जीएस सोलंकी नर्मदा नदी के पास बने एक्वाडक्ट पुल पहुंचे। घटनास्थल का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने एक पेड़ पर दो तोते मृत अवस्था में भी देखे। संचालक ने वन विभाग के एसडीओ से चर्चा की।
विसरा भेजा भोपाल-जबलपुर
सोलंकी ने स्पष्ट किया कि मामला बर्ड फ्लू या संक्रामक बीमारी का नहीं, बल्कि फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। विभाग में तोतों की मौत को लेकर विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण साफ होगा।
बर्ड फ्लू के कोई लक्षण नहीं
बड़वाह में पदस्थ पशु चिकित्सक डॉ. मनीषा चौहान ने बताया कि पीएम के दौरान मृत तोतों में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण मिले है। कई बार लोग पक्षियों को खाने में ऐसी चीजें डाल देते हैं जो उनके पाचन तंत्र के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से खाने में गड़बड़ी का है। इनमें बर्ड फ्लू जैसे कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।