मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेटे डॉ. अभिमन्यु की सगाई और आज शादी सादगी से कर समाज के सामने मिसाल पेश की। बैलगाड़ी से पहुंचे जोड़े की साधारण रस्में चर्चा का विषय बनीं।
By: Arvind Mishra
Nov 30, 202511:33 AM

उज्जैन। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेटे डॉ. अभिमन्यु की सगाई और आज शादी सादगी से कर समाज के सामने मिसाल पेश की। बैलगाड़ी से पहुंचे जोड़े की साधारण रस्में चर्चा का विषय बनीं। दरअसल, मध्यप्रदेश के सीएम के बेटे अभिमन्यु और बहू इशिता आज उज्जैन के सांवराखेड़ी में होने वाले सामूहिक सम्मेलन में विवाह बंधन में बंधेंगे। सीएम के बेटे-बहू के साथ कुल 22 जोड़े सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक साथ फेरे लेंगे। सुबह तय समय पर सभी विवाह स्थल पर घोड़े-बग्घियों पर सवार होकर निकले।
इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु ने कहा कि सामूहिक सम्मेलन में शादी कर रहे हैं, इसकी डबल खुशी है। इतना भव्य कार्यक्रम चल रहा है। काफी अच्छा लग रहा है। बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि आगे का जीवन सुखी रहे।
शादी में कई वीवीआईपी के आने की संभावना है। कुछ पहुंच भी गए हैं। वाकणकर ब्रिज के समीप सांवराखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में होने वाले कार्यक्रम में देश भर के 8 राज्यपाल, 11 मुख्यमंत्री और लगभग 25 संतों को आमंत्रित किया है।
सुबह 10 बजे से भोजन तैयार किया जा रहा है। जिसमें काजू कतली, राज भोग मूंग खसखस का हलवा, केसर कलाकंद, राजस्थानी डंठल पपड़ी, ड्रायफ्रूट चना दाल, भजिये, छोले, आलू-गोभी की सब्जी, पूरी दाल रोटी, चावल सब कुछ बफेट सिस्टम में खाने को मिलेगा।
सामूहिक सम्मेलन में 22 जोड़े के दूल्हा-दुल्हन दोनों और 44 परिवार के 25-25 लोगों को आमंत्रित किया गया है। कोई ज्यादा भी लाना चाहें तो उस पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। सभी वर एक साथ तोरण मार मंडप में बैठेंगे मुख्यमंत्री के मित्र एवं परिवार के सदस्य रवि सोलंकी ने बताया सभी मेहमानों से उपहार नहीं लाने का आग्रह किया गया है।
सामूहिक सम्मेलन के डोम को विशेष रूप से सजाया गया है। सभी वीआईपी और वीवीआईपी के बैठने की व्यवस्था यहां की गई है। 22 वर-वधु एक साथ वरमाला आपस में पहनाएंगे। इसके लिए 5 विशेष डोम बनाए गए हैं। दूल्हा-दुल्हन के लिए ग्रीन रूम तैयार किए गए हैं। यहां वीआईपी के लिए 1 पैंट्री भी है। एक 40/100 का विशाल मंच बनाया गया है। एक मंच 50/25 का ओर फेरों के लिए 15/15 साइज के 22 मंडप बनाए गए।