शेयर बाजार में दबाव के बीच सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स गिरावट के साथ खुला। वहीं, एनएसई का निफ्टी-भी कमजोर दिखा। आटो सेक्टर में दबाव देखा गया और टाटा मोटर्स के शेयर में गिरावट दर्ज की गई।

शेयर बाजार में गुरुवार को बीएसई का सेंसेक्स गिरावट के साथ खुला।
मुबई। स्टार समाचार वेब
शेयर बाजार में दबाव के बीच सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स गिरावट के साथ खुला। वहीं, एनएसई का निफ्टी-भी कमजोर दिखा। आटो सेक्टर में दबाव देखा गया और टाटा मोटर्स के शेयर में गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, शेयर बाजार के लिए गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी यही स्थिति जारी रही। दिन के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 141.32 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 81,574 पर आ गया। वहीं, निफ्टी 22.4 अंक गिरकर 25,034 तक पहुंच गया। विदेशी पूंजी निकासी और अमेरिका में एच-1बी वीजा शुल्क में भारी वृद्धि की चिंता के कारण बुधवार को बेंचमार्क शेयर सूचकांक सेंसेक्स 386.47 अंक या 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,715.63 पर बंद हुआ था। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 112.60 अंक या 0.45 प्रतिशत गिरकर 25,056.90 पर आ गया था।
सेंसेक्स में लिस्टेड कंपनियों में टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, टाइटन, एचसीएल टेक, टीसीएस, मारुति और इटरनल प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में रहे। वहीं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स और इन्फोसिस लाभ में रहे।
पिछले चार कारोबारी सत्रों में बीएसई का सेंसेक्स 1,298.33 अंक (1.56 फीसदी) टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी 366.7 अंक (1.44 प्रतिशत) नीचे आया। एफआईआईएस ने 2,425.75 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट प्रशांत टेप्से ने कहा-ट्रंप के भारी टैरिफ और नए एक लाख डॉलर के एच-1बी वीजा शुल्क से बाजार की धारणा पर दबाव है। निफ्टी को 25,300 पर मजबूत रेजिस्टेंस मिल रहा है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा-इस साल बाजार पर सबसे बड़ा दबाव लगातार एफआईआई की बिकवाली से आया है। हालांकि, भारत में चल रहे सुधार और कम ब्याज दरें आर्थिक व कॉरपोरेट आय में वृद्धि को गति दे सकते हैं। इससे एफआईआई की वापसी संभव है।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 0.20 प्रतिशत ऊपर 45,719 पर और कोरिया का कोस्पी 3,471 पर फ्लैट कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.32 फीसदी ऊपर 26,603 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.15 प्रतिशत चढ़कर 3,859 पर कारोबार कर रहा है। बुधवार को अमेरिका का डाउ जोन्स 0.37 फीसदी नीचे 46,121 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट में 0.33 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में 0.28 फीसदी की गिरावट रही।

भारतीय अर्थव्यवस्था ने पकड़ी तेज रफ्तार। MoSPI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7% रही, जबकि चौथी तिमाही में यह 7.8% दर्ज की गई। रियल और नॉमिनल जीडीपी की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से द्विपक्षीय व्यापार समझौते और सेक्शन 301 टैरिफ उपायों को लेकर गहन चर्चा चल रही है। जानिए 7 जुलाई को होने वाले अंतिम फैसले और वाणिज्य मंत्रालय के इस कदम के मायने।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
दुनिया के टॉप अरबपतियों की सूची में बड़ा उलटफेर हो गया है। जहां एलन मस्क से लेकर मार्क जुकरबर्ग और जेफ बेजोस को बड़ी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर 81 साल के अरबपति लैरी एलिसन ने जोरदार कमाई की है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी का माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। कई दिग्गज शेयरों में गिरावट से बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
आज यानी जून महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की है। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र की मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
आज यानी 1 जून-2026 से केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कुछ में तो राहत दी है, लेकिन कुछ जगह जनता को अपनी जेब ढीली करनी पडेगी। कॉमर्शियल सिलेंडर सोमवार से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है।
घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त विधिक फैसला लिया है। सरकार ने गैस कंट्रोल आर्डर में बड़ा संशोधन करते हुए साफ कर दिया है कि अब देश के किसी भी एक घर में केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा।

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