अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के एलान के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के साथ ही नकारात्मक रुख दिखा। टैरिफ की वजह से उत्पन्न हुई अनिश्चितता की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी ने लाल निशान पर शुरुआत की।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के एलान के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के साथ ही नकारात्मक रुख दिखा। टैरिफ की वजह से उत्पन्न हुई अनिश्चितता की वजह से सेंसेक्स और निफ्टी ने लाल निशान पर शुरुआत की। दरअसल, भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले के एक दिन बाद, गुरुवार को भारतीय घरेलू बाजार पर इसका असर साफ दिख रहा है। ये टैरिफ की नई दरें शुक्रवार 1 अगस्त से लागू हो जाएंगी। इसके बाद हफ्ते के चौथे कारोबार दिन की शुरुआत होते ही सेंसेक्स 540 अंक टूटा गया तो वहीं एनएसई पर निफ्टी 24700 के नीचे जाकर खुला। इसके साथ ही, डॉलर के मुकाबले रुपए 27 पैसे और कमजोर होकर 87.42 की तुलना में आज 87.69 पर जाकर खुला। आज जिन शेयरों में भारी गिरावट देखी जा रही है, उनमें टैक्सटाइल और सीफूड शामिल है। अमेरिका में भारत से झींगा मछली एक्सपोर्ट करने वाले अवंती फीड्स, एपेक्स फ्रोजन फूड्स और वाटरबेस लिमिटेड के शेयरों में 6 प्रतिशत तक की जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है।

अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते पर अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। निवेशकों की नजर अब इस पर टिकी है कि बाजार कैसी प्रतिक्रिया देता है। इससे पहले गिफ्टी निफ्टी फ्यूचर्स बाजार में 0.73 प्रतिशत गिरकर 24,675 पर कारोबार कर रहा था, जो दलाल स्ट्रीट की कमजोर शुरूआत का संकेत दे रहा था। दूसरी ओर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया। इसके बाद अब सितंबर में भी संभावित रेट में कटौती की उम्मीद अब कमजोर पड़ी है।
बीएसई के 3,085 ट्रेडेड स्टॉक में से आज 887 शेयर तेजी पर रहे, जबकि 2,033 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे थे। 165 शेयर फ्लैट कारोबार करते हुए दिखाई दिए। 61 शेयरों में अपर सर्किट और 61 शेयरों में लोअर सर्किट रहा। इसके अलावा, 51 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर चले गए। वहीं 36 शेयर 52 सप्ताह के हाई पर थे।
बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में एक बड़ी गिरावट देखने को मिली। जिसका मतलब है कि निवेशकों की वैल्यूवेशन घट गई। एक दिन पहले बीएसई मार्केट कैप 452.29 लाख करोड़ रुपए था, जो आज शुरुआती कारोबार में करीब 3 लाख करोड़ घटकर 449.56 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया।
आईटी, फार्मा, पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और कंज्यूमर सेक्टर्स को ट्रंप टैरिफ से तगड़ा झटका लगा है। सबसे ज्यादा गिरावट आयल एंड गैस सेक्टर्स में देखी जा रही है। निफ्टी आयल एंड गैस सेक्टर्स 1.5 फीसदी गिरा है। इसके बाद आईटी और फार्मा सेक्टर 1 फीसदी तक गिरकर कारोबार कर रहे थे।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 0.90 प्रतिशत ऊपर 41,020 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 0.33 प्रतिशत ऊपर 3,243 पर कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.12 प्रतिशत नीचे 24,894 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.68प्रतिशत गिरकर 3,591 पर कारोबार कर रहा है।


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टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।