प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उद्योगपति अनिल अंबानी के मुंबई स्थित 3,716 करोड़ रुपये के घर 'एबोड' को कुर्क कर लिया है।
By: Star News
Feb 25, 20267:05 PM
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय कॉर्पोरेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की संपत्ति पर शिकंजा कसा है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अंबानी के मुंबई स्थित प्रसिद्ध आवास 'एबोड' (Abode) को कुर्क कर लिया है।
ED की कार्रवाई
कड़ी कार्रवाई के संकेत
3,716 करोड़ रुपये के इस हाई-प्रोफाइल आवास की कुर्की स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि जांच एजेंसियां अब बड़े वित्तीय मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 'एबोड' की कुर्की महज शुरुआत हो सकती है और आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और कड़े कानूनी कदम देखने को मिल सकते हैं।
पूरा मामला..
यह जांच मुख्य रूप से रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और अन्य समूह कंपनियों द्वारा विभिन्न बैंकों से लिए गए ₹40,000 करोड़ से अधिक के लोन से संबंधित है।
फंड का दुरुपयोग: जांच एजेंसियों का आरोप है कि अनिल अंबानी की कंपनियों ने बैंकों से लिए गए लोन के पैसे का उपयोग उस काम के लिए नहीं किया जिसके लिए लिया गया था, बल्कि इसे शेल कंपनियों और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से 'एवरग्रीनिंग' (पुराने कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज लेना) और अन्य उद्देश्यों के लिए डायवर्ट कर दिया।
बैंकों का रुख: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित लगभग 9 बैंकों ने रिलायंस ग्रुप के लोन खातों को 'फ्रॉड' (धोखाधड़ी) घोषित किया है।
ED की जांच में 'क्विड-प्रो-क्वो' (Quid-pro-quo) यानी लेन-देन के बदले लाभ का मामला भी सामने आया है।
आरोप है कि जब राणा कपूर यस बैंक के प्रमुख थे, तब बैंक ने रिलायंस ग्रुप को नियमों को ताक पर रखकर हजारों करोड़ के लोन दिए।
बदले में, अनिल अंबानी की कंपनियों द्वारा उन फर्मों को पैसे दिए गए या निवेश किया गया जिनका नियंत्रण राणा कपूर के परिवार के पास था।
अपराध की कमाई (Proceeds of Crime): प्रवर्तन निदेशालय (ED) का मानना है कि लोन के रूप में मिली 'अपराध की कमाई' का इस्तेमाल इन संपत्तियों को बनाने या बनाए रखने में किया गया है।
₹15,700 करोड़ की कुल जब्ती: आज हुई ₹3,716 करोड़ की इस ताज़ा कुर्की के साथ ही, इस मामले में अब तक अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों की कुल ₹15,700 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की धीमी जांच पर असंतोष जताया था और ED को एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाने का निर्देश दिया था।
अनिल अंबानी ने अदालत में हलफनामा देकर आश्वासन दिया है कि वह देश छोड़कर नहीं जाएंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
अनिल अंबानी को 26 फरवरी, 2026 (कल) पूछताछ के लिए फिर से ED मुख्यालय बुलाया गया है।
उनकी पत्नी, टीना अंबानी को भी न्यूयॉर्क में एक संपत्ति की खरीद से जुड़े विदेशी मुद्रा उल्लंघन मामले में तलब किया गया है।