फर्जी विश्वविद्यालयों का नेटवर्क देश में बढ़ता ही जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूजीसी ने देश में फर्जी विश्वविद्यालयों के बढ़ते नेटवर्क पर चेतावनी जारी की है। पिछले दो वर्षों में देश में फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ गई है। यूजीसी के अनुसार पहले यह संख्या 20 थी, जो अब बढ़कर 32 हो गई है।
By: Arvind Mishra
Feb 20, 202612:06 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
फर्जी विश्वविद्यालयों का नेटवर्क देश में बढ़ता ही जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूजीसी ने देश में फर्जी विश्वविद्यालयों के बढ़ते नेटवर्क पर चेतावनी जारी की है। पिछले दो वर्षों में देश में फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ गई है। यूजीसी के अनुसार पहले यह संख्या 20 थी, जो अब बढ़कर 32 हो गई है। दरअसल, देश में शिक्षा माफिया के हौसले किस तरह से बुलंद हैं। इसका अंदाजा फैलते फर्जी विवि से लगाया जा सकता है। जिनकी मौजूदगी दो साल पहले तक सिर्फ आठ राज्यों तक सीमित थी, लेकिन अब यह 12 राज्यों तक पहुंच गई है। वहीं फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या भी पिछले दो सालों में 20 से बढ़कर 32 तक पहुंच गई है। जिन नए राज्यों में फर्जी विश्वविद्यालयों ने दस्तक दी है, उनमें हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश शामिल है।
भूलकर भी न लें प्रवेश
फर्जी विवि के इस फैलते जाल के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने छात्रों और अभिभावकों को ऐसे संस्थानों को लेकर सतर्क किया है। साथ ही कहा है कि वह इन फर्जी विश्वविद्यालयों में भूलकर भी प्रवेश न लें। यूजीसी ने यह निर्देश बेंगलुरु में ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी नाम से संचालित हो रहे फर्जी संस्थान को लेकर जारी किए गए अलर्ट के साथ दिए है।
राजधानी में शिक्षा के नाम पर खिलवाड़
यहां सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 32 फर्जी विश्वविद्यालयों में 12अकेले देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद है कुछ तो यूजीसी से कुछ मीटर की दूरी पर संचालित हो रहे है। मौजूदा समय में जिन 12 राज्यों में फर्जी विश्वविद्यालय मौजूद है, उनमें दिल्ली में 12, उत्तर प्रदेश में चार, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक में दो-दो, जबकि हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय है।
प्रमुख राज्यों में चल रहे फर्जी विश्वविद्यालय