कुछ दिन पहले ही सुनने में आया था कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के फर्स्ट स्टेज की बातचीत लगभग पूरी ही हो चुकी है। जल्द ही इसका ऐलान किया जा सकता है। इस बीच अमेरिकी सीनेटर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चिट्ठी लिखी है और भारत को अमेरिकी मटर दाल पर से टैक्स हटाने की मांग की है।
By: Arvind Mishra
Jan 17, 202611:30 AM
नई दिल्ली। स्टार समचार वेब
कुछ दिन पहले ही सुनने में आया था कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के फर्स्ट स्टेज की बातचीत लगभग पूरी ही हो चुकी है। जल्द ही इसका ऐलान किया जा सकता है। इस बीच अमेरिकी सीनेटर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चिट्ठी लिखी है और भारत को अमेरिकी मटर दाल पर से टैक्स हटाने की मांग की है। ट्रंप को लिखी चिट्ठी में अमेरिकी सीनेटरों ने भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट में दलहन फसलों के लिए अनुकूल प्रावधान की मांग की है। राष्ट्रपति ट्रंप से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहे हैं कि भारत पीली मटर (दलहन) पर 30 फीसदी टैक्स हटा दे, जिसे अमेरिकी किसान बेचना चाहते हैं। नॉर्थ डकोटा और मोंटाना मटर समेत दलहन फसलों के टॉप दो उत्पादक हैं और भारत इन फसलों का दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जो दुनिया की कुल खपत का लगभग 27 प्रतिशत हिस्सा यूज करता है। जैसे-जैसे यूनाइटेड स्टेट्स व्यापार में असमानताओं को ठीक करने की कोशिश कर रहा है, अमेरिकी किसान इस कमी को पूरा करने में मदद करने के लिए तैयार हैं।
घर बैठे कैसे करें मोटी कमाई
उन्होंने ट्रंप से कहा कि जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ रही है, हम आपसे रिक्वेस्ट करते हैं कि यूनाइटेड स्टेट्स और रिपब्लिक आॅफ इंडिया के बीच होने वाले किसी भी एग्रीमेंट में दालों की फसलों के लिए जोर दें। भारत में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली दालें मसूर, चना, सूखी बीन्स और मटर हैं, फिर भी उन्होंने अमेरिकी दालों पर काफी टैरिफ लगाया है।
अमेरिका को हो रहा नुकसान
ट्रंप को लिखे लेटर में कहा गया है कि भारत ने 30 अक्टूबर, 2025 को पीली मटर पर 30 फीसदी टैरिफ लगा दिया। यह ड्यूटी 1 नवंबर, 2025 से लागू है, जिस कारण अमेरिकी दालों के प्रोड्यूसर्स को भारत में अपने हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट को एक्सपोर्ट करते समय कॉम्पिटिशन में काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
पहले भी कर चुके मांग
सीनेटरों ने ट्रंप से कहा-आपके पहले कार्यकाल में हमने आपको इस मुद्दे पर लिखा था, और आपने 2020 में भारत के साथ ट्रेड बातचीत के दौरान हमारा लेटर प्रधानमंत्री मोदी को खुद दिया था, जिससे हमारे प्रोड्यूसर्स को बातचीत की टेबल पर लाने में मदद मिली। अमेरिकी खेती के सामान के लिए मार्केट के मौके बढ़ाने का आपका काम बहुत जरूरी रहा है।
कमी को पूरा करेंगे अमेरिकी किसान
जैसे-जैसे यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड में असमानताओं को ठीक करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी किसान इस कमी को पूरा करने में मदद करने के लिए तैयार हैं। अगर ट्रेड के मौके मिलते हैं, तो उनमें दुनिया को खाना खिलाने और एनर्जी देने की जबरदस्त क्षमता है। हमारे देशों के बीच इकोनॉमिक सहयोग को बढ़ाने के लिए पीएम मोदी के साथ दालों पर टैरिफ के मुद्दे पर बात करना अमेरिकी प्रोड्यूसर्स और भारतीय उपभोक्ता दोनों के लिए फायदेमंद होगा।