अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के 16वें दिन ईरान का बड़ा पलटवार। खार्ग आइलैंड पर हमलों के बाद भी तेल निर्यात जारी। जानें मुजतबा खामेनेई और एपस्टीन गैंग की साजिश पर ईरान का बड़ा बयान।
By: Ajay Tiwari
Mar 15, 20267:16 PM
मिडल ईस्ट डेस्क। स्टार समाचार वेब
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग आज 16वें दिन में प्रवेश कर गई है। रविवार को ईरान ने इजराइल पर भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल के मलबे गिरने से उस इमारत को काफी क्षति पहुँची है जहाँ अमेरिकी राजनयिक (Diplomats) कार्यरत हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इस इमारत के सटीक शहर का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इजराइल में अमेरिका का मुख्य दूतावास यरुशलम और एक बड़ा कार्यालय तेल अवीव में स्थित है।
ईरान ने उन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई हमले में घायल हो गए हैं। ईरानी अधिकारी अराघची ने बयान जारी कर कहा कि मुजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं। इससे पहले ब्रिटिश मीडिया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि 28 फरवरी के हमले में मुजतबा गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कोमा में हैं।
ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर अमेरिकी हमलों के बावजूद तेल का निर्यात नहीं थमा है। सैटेलाइट तस्वीरों और 'टैंकरट्रैकर्स' के डेटा के मुताबिक, हमले के बाद भी ऑयल लोडिंग का काम चल रहा है। वर्तमान में 5 टैंकर तेल भर चुके हैं, जबकि 2 अन्य अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, इन टैंकरों के मालिकाना हक वाली कंपनियों की जानकारी अभी गुप्त है।
ईरानी अधिकारी अली लरिजानी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े लोग अमेरिका में 9/11 जैसा बड़ा आतंकी हमला करने की योजना बना रहे हैं, ताकि इसका दोष ईरान पर मढ़ा जा सके। लरिजानी ने स्पष्ट किया कि ईरान का अमेरिकी जनता से कोई युद्ध नहीं है और वह ऐसे किसी भी आतंकी कृत्य के खिलाफ है।
UN की एजेंसी (IOM) के अनुसार, युद्ध के कारण ईरान में बड़े पैमाने पर विस्थापन शुरू हो गया है। करीब 32,000 लोग अफगानिस्तान और 4,000 लोग पाकिस्तान की सीमा में शरण ले चुके हैं। ईरान के भीतर भी लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में उत्तरी प्रांतों की ओर पलायन कर रहे हैं, जिससे राहत शिविरों पर भारी दबाव बढ़ गया है।