अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के 16वें दिन ईरान का बड़ा पलटवार। खार्ग आइलैंड पर हमलों के बाद भी तेल निर्यात जारी। जानें मुजतबा खामेनेई और एपस्टीन गैंग की साजिश पर ईरान का बड़ा बयान।

मिडल ईस्ट डेस्क। स्टार समाचार वेब
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग आज 16वें दिन में प्रवेश कर गई है। रविवार को ईरान ने इजराइल पर भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया। रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल के मलबे गिरने से उस इमारत को काफी क्षति पहुँची है जहाँ अमेरिकी राजनयिक (Diplomats) कार्यरत हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इस इमारत के सटीक शहर का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इजराइल में अमेरिका का मुख्य दूतावास यरुशलम और एक बड़ा कार्यालय तेल अवीव में स्थित है।
ईरान ने उन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई हमले में घायल हो गए हैं। ईरानी अधिकारी अराघची ने बयान जारी कर कहा कि मुजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं। इससे पहले ब्रिटिश मीडिया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि 28 फरवरी के हमले में मुजतबा गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कोमा में हैं।
ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर अमेरिकी हमलों के बावजूद तेल का निर्यात नहीं थमा है। सैटेलाइट तस्वीरों और 'टैंकरट्रैकर्स' के डेटा के मुताबिक, हमले के बाद भी ऑयल लोडिंग का काम चल रहा है। वर्तमान में 5 टैंकर तेल भर चुके हैं, जबकि 2 अन्य अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, इन टैंकरों के मालिकाना हक वाली कंपनियों की जानकारी अभी गुप्त है।
ईरानी अधिकारी अली लरिजानी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े लोग अमेरिका में 9/11 जैसा बड़ा आतंकी हमला करने की योजना बना रहे हैं, ताकि इसका दोष ईरान पर मढ़ा जा सके। लरिजानी ने स्पष्ट किया कि ईरान का अमेरिकी जनता से कोई युद्ध नहीं है और वह ऐसे किसी भी आतंकी कृत्य के खिलाफ है।
UN की एजेंसी (IOM) के अनुसार, युद्ध के कारण ईरान में बड़े पैमाने पर विस्थापन शुरू हो गया है। करीब 32,000 लोग अफगानिस्तान और 4,000 लोग पाकिस्तान की सीमा में शरण ले चुके हैं। ईरान के भीतर भी लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में उत्तरी प्रांतों की ओर पलायन कर रहे हैं, जिससे राहत शिविरों पर भारी दबाव बढ़ गया है।

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अमेरिकी सेना ने जब्त ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंपा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने होर्मुज में फंसे जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग अभियान शुरू किया और ईरान को चेतावनी दी।
नेपाल सरकार के नए कस्टम कानून के कारण भारत-नेपाल सीमा पर हजारों ट्रक फंसे हैं। 100 रुपये से अधिक के सामान पर MRP लेबल अनिवार्य होने से व्यापारियों में रोष। जानें पूरी खबर।
कनाडा के कैलगरी में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में खालिस्तान समर्थकों ने हंगामा किया। दिलजीत ने उन्हें शो से बाहर निकालने का आदेश दिया। वहीं CSIS रिपोर्ट 2025 ने कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथ को एक बड़ी चुनौती बताया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि ईरान ने कोई गलती की, तो उस पर फिर से हमले हो सकते हैं। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका फिलहाल मजबूत स्थिति में है, जबकि तेहरान दबाव में है और समझौता करना चाहता है।
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई का बचाव किया है। फ्लोरिडा के एक स्कूल में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर ईरान परमाणु हथियार बना लेता, तो इस्राइल, पश्चिम एशिया और यूरोप पूरी तरह तबाह हो जाते और इनके टुकड़े-टुकड़े हो जाते।
ईरान ने पहली बार स्वीकार किया है कि सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई एक बमबारी में जख्मी हुए थे। जानें उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर आधिकारिक बयान।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में सहयोग न मिलने पर इटली, स्पेन और जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की चेतावनी दी है। जानें मेलोनी और मर्ज से विवाद का पूरा कारण।
करीब सात साल के लंबे अंतराल के बाद अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सीधी हवाई सेवा फिर शुरू हो गई है। जानें फ्लाइट का समय, रूट और दोनों देशों के रिश्तों पर इसका प्रभाव।
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी। कच्चे तेल की कीमतें 2022 के बाद उच्चतम स्तर पर। पढ़ें अमेरिका-ईरान संघर्ष और वैश्विक प्रभाव की पूरी रिपोर्ट...
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने मिडिल ईस्ट, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे सैन्य हमलों पर गहरा रोष व्यक्त किया है।