जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे को राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। जाहिर है कि अब धनखड़ की वापसी की बची खुची उम्मीद भी खत्म हो चुकी है। संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत, उनके उत्तराधिकारी का चुनाव छह महीने के भीतर, यानी सितंबर 2025 तक पूरा करना अनिवार्य है।


उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग एक्शन मोड में आ गया है। आयोग ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने कहा कि हमने उपराष्ट्रपति चुनाव से संबंधित तैयारियां शुरू कर दी हैं। तैयारी संबंधी गतिविधियां पूरी होने के बाद जल्द ही उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि गृह मंत्रालय ने 22 जुलाई 2025 को एक अधिसूचना के जरिये भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की सूचना दी है। इसमें कहा गया कि चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव कराने का अधिकार प्राप्त है। यह चुनाव राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम 1952 और इसके तहत बने नियमों (राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम 1974) द्वारा कराया जाता है। आयोग ने कहा कि निर्वाचक मंडल की तैयारी, जिसमें राज्यसभा एवं लोकसभा के निर्वाचित तथा मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं शुरू कर दी गई है। इसके अलावा रिटर्निंग आॅफिसर / सहायक रिटर्निंग आॅफिसर की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोग ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति चुनावों से संबंधित जानकारियों और रिकॉर्ड को देखा जा रहा है।
जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे को राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। जाहिर है कि अब धनखड़ की वापसी की बची खुची उम्मीद भी खत्म हो चुकी है। संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत, उनके उत्तराधिकारी का चुनाव छह महीने के भीतर, यानी सितंबर 2025 तक पूरा करना अनिवार्य है। यानि कि बिहार विधानसभा चुनावों के पहले यह नियुक्ति होनी है। भाजपा सरकार चाहेगी कि इस अवसर का लाभ बिहार विधानसभा चुनावों में भी उठाया जाए।
अगर देश में पिछले 10 सालों में संवैधानिक पदों पर हुई नियुक्तियों पर नजर डालें तो यह क्लियर हो जाएगा कि भाजपा सरकार नियुक्तियों के लिए आधार हमेशा आगामी चुनावों को ही बनाती रही है। उपराष्ट्रपति भारत का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। दरअसल, माना जा रहा है कि सरकार मौजूदा संसद सत्र के दौरान उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने की जल्दबाजी में नहीं है। संविधान में राष्ट्रपति के रिक्त पद पर छह महीने में चुनाव कराए जाने की अनिवार्यता है। उपराष्ट्रपति पद के लिए ऐसा नहीं है।
बिहार चुनावों को ध्यान में रखते हुए देखा जाए तो राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायन सिंह और स्व. कपूर्री ठाकुर के पुत्र राम नारायण ठाकुर के नाम की चर्चा चल रही है। इसके अलावा बहुत से लोग नीतीश कुमार का भी नाम ले रहे हैं, पर नीतीश कुमार शायद ही उपराष्ट्रपति के लिए तैयार हों। दूसरे उनका स्वास्थ्य राज्यसभा के सभापति के लिए ठीक नहीं समझा जा सकता।
इस बीच तमाम तमाम ऐसी खबरें आ रहीं हैं कि निर्मला सीतारमण जैसे नामों को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन नितिन गडकरी का भी नाम उपराष्ट्रपति पद के दावेदारों में लिया जा रहा है। निर्मला सीतारमण को उनके महिला होने और साऊथ का होने के चलते लाभ मिल सकता है। जेपी नड्डा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। जिनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। उनकी निकटता मोदी-शाह से है। अगर आरएसएस और बीजेपी के बीच सब कुछ ठीक नहीं हो सका है तो ये संभव हो सकता है कि उन्हें उपराष्ट्रपति बना दिया जाए।
उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, इसलिए यह पद भी खाली हो गया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही शुरू की। धनखड़ सदन की कार्यवाही में भी शामिल नहीं हुए। धनखड़ के लिए औपचारिक विदाई की रस्म नहीं हुई, न ही विदाई भाषण हुआ। आमतौर पर उच्च पद पर आसीन व्यक्ति की औपचारिक विदाई होती है। धनखड़ के मामले में सरकार ने ऐसा नहीं किया। इससे माना जा रहा है कि सरकार शायद उनके इस्तीफे के पक्ष में थी।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
अहमदाबाद एअर इंडिया विमान दुर्घटना मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, AAIB की अंतिम रिपोर्ट का मसौदा अक्तूबर के पहले सप्ताह में होगा पेश। जानें पूरी खबर।
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हो रहे तथाकथित चुनावों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इसे अवैध कब्जे को छिपाने की कोशिश बताया। भारत-चीन सीमा व्यापार और विदेश सचिव की यात्रा पर भी अपडेट सामने आया है।
लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी ने सरकार को घेरा। जानिए संसद सत्र की सभी बड़ी और लाइव अपडेट्स।
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को MIDH योजना के तहत मिली 99 लाख रुपये की सब्सिडी उन्होंने वापस कर दी है। लोकसभा में सरकार ने इसकी जानकारी दी। जानें पूरा मामला और योजना की खास बातें।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली और सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे 18 वर्ष से कम उम्र के उन सभी गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा करें, जिनका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को इन घटनाओं से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया है।
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकारी वाहनों के दुरुपयोग और फिजूलखर्ची को रोकने के उद्देश्य से देश में एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी की नीति लागू कर दी गई है।
मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पोस्ट रिमूव होने पर सफाई दी है। पीएम का एक पोस्ट गलती से ब्लॉक हो गया था। इसके लिए हम क्षमा चाहते हैं। मेटा के प्रवक्ता ने कहा है कि वह कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे बहाल कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया है कि यह एक टेक्निकल ग्लिच था।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बीती देर रात पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहाड़ गांव के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। दरअसल, चंडीगढ़ से बच्चे का उपचार करवाकर घर लौट रहा परिवार रास्ते में हादसे का शिकार हो गया।
परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद छात्रों को निशाना बनाए जाने का विरोध। युवा मोर्चों ने सरकार को दी चेतावनी, कानूनी सहायता की घोषणा।