मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आपातकाल की 50वीं बरसी पर मीसाबंदियों के संघर्ष को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के समान बताया। उन्होंने कहा कि आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य देशभक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र सुरक्षित है।

भोपाल. स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश में आपातकाल लागू होने की 50वीं बरसी पर मीसाबंदियों के संघर्ष को याद किया। यादव ने मीसाबंदियों को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के समान बताया है। आपातकाल दिवस पर अपने संदेश में यादव ने कहा कि 25 जून, 1975 को लगाए गए आपातकाल के खिलाफ जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सभी देशभक्तों ने मिलकर कुर्बानी दी, जिसका परिणाम है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना हुआ है।
डॉ. यादव ने इस बात पर जोर दिया कि संघ परिवार ने भारत में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, चौधरी चरण सिंह और मोरारजी देसाई सहित विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं के योगदान को सराहा, जिन्होंने एक स्वर में आपातकाल का विरोध कर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह संघर्ष स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों के बलिदान की याद दिलाता है, यही वजह है कि इन सभी मीसाबंदियों को 'लोकतंत्र सेनानी' का नाम दिया गया।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एशिया में लोकतंत्र की मौजूदगी में जनता पार्टी और विपक्षी नेताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक काला दिन माना जाता है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
उज्जैन के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान 40 फीट ऊंचाई पर क्रेन से लटकाई गई वैन में ब्लास्ट का वीडियो वायरल। हिंदू संगठनों की आपत्ति के बाद पुलिस ने आयोजक और क्रेन मालिक सहित 4 पर FIR दर्ज की है।
भोपाल के रवीन्द्र भवन में आपातकाल दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदियों को करेंगे सम्मानित।
राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान मानहानि मामले में एमपी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा। राहुल गांधी ने बयान पर खेद जताया, जानिए क्या है पूरा मामला।
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला को आरोप पत्र जारी किया गया है। विभाग ने ब्लड सेंटर संचालन में गंभीर अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
नीट-यूजी री-एग्जाम में सॉल्वर गैंग के खुलासे के बाद सतना मेडिकल कॉलेज के एक छात्र का नाम सामने आया है। बिहार पुलिस ने 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कॉलेज प्रबंधन जानकारी जुटा रहा है।
ग्वालियर के डीडी नगर में वैष्णो ज्वेलर्स चलाने वाले पिता-पुत्र ने हॉलमार्क और गिरवी के नाम पर लोगों का सोना-नकदी हड़पा। मेरठ भागने की तैयारी में थे आरोपी, अब तक 14 से अधिक पीड़ित आए सामने।
मानसी गैस सर्विस के निलंबन के बाद अमरपाटन के 25 हजार उपभोक्ता परेशान हैं। गैस सिलेंडर के लिए 20 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। समाधान नहीं मिलने पर 1 जुलाई को आंदोलन और बंद की चेतावनी दी गई है।
विंध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में व्यापार के साथ राजनीति का भी प्रभाव दिखाई दे रहा है। महापौर, प्राधिकरण पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि और राजनीतिक परिवारों से जुड़े कई मतदाता सूची में शामिल हैं।
धवारी स्टेडियम पुनर्निर्माण में कराए गए अतिरिक्त कार्यों की जांच के लिए पार्षदों की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही संविदाकार के भुगतान पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
कृषि उपज मंडियों में तुलाई व्यवस्था को लेकर किसानों ने पारदर्शिता की मांग उठाई है। वजन में अंतर, इलेक्ट्रॉनिक कांटों की विश्वसनीयता और नियमित सत्यापन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।