सतना-चित्रकूट मार्ग पर ग्राम पोंड़ी स्थित सेमरावल नदी पुल की टूटी रेलिंग लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। यहां से रोजाना भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक गुजरते हैं। कई वाहन अब तक नीचे गिर चुके हैं, गनीमत रही कि बड़ी जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत मरम्मत नहीं हुई तो किसी भी हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की होगी।

हाइलाइट्स
कोठी, स्टार समाचार वेब
स्टेट हाईवे सतना-चित्रकूट मार्ग पर कोठी से पहले ग्राम पोंड़ी में सेमरावल नदी पर बना पुल दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है। पुल की दोनों तरफ की रेलिंग काफी दिनों से टूटी हुई है। कई बार यहां हादसे हो चुके हैं, गनीमत रही कि बड़ी जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। यह मार्ग कामतानाथ धाम सहित चित्रकूट जाने का मुख्य रास्ता है, जहां से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक गुजरते हैं। सुबह से देर रात तक वाहनों का भारी दबाव रहता है। बरसात के मौसम के बाद कोहरे के दिनों में खतरा और बढ़ जाएगा क्योंकि चित्रकूट की ओर से पुल पर मोड़ है और आम का पेड़ दृश्यता को और कम कर देता है।
कोठी निवासी रामचरण शर्मा ने कहा कि टूटी रेलिंग किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। ग्राम पंचायत सरपंच पति योगेंद्र सिंह राजा ने बताया कि पहले भी ट्रैक्टर, ट्रक और कई वाहन नीचे गिर चुके हैं, सौभाग्य से जनहानि नहीं हुई। व्यापारी संघ कोठी के पूर्व अध्यक्ष एवं सरपंच पति राकेश सिंह बबलू ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का मुख्य मार्ग है, यहां से गुजरने वाले देश-विदेश के लोग कभी भी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं।
आंदोलन की चेतावनी
नगर उत्थान समिति कोठी के संयोजक इंजीनियर आशीष तिवारी ने कहा कि न सिर्फ सेमरावल नदी पुल, बल्कि कोठी थाना के आगे कोठियार नदी पुल की रेलिंग भी टूटी हुई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि विभागीय अधिकारी तुरंत मरम्मत नहीं कराते हैं तो किसी भी बड़े हादसे की जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग पर होगी।


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