पन्ना जिले में इंसानियत की मिसाल बनी एक घटना, जब एंबुलेंस न मिलने पर यात्री बस में ही गर्भवती महिला का प्रसव कराया गया। ड्राइवर सिद्दीक राइन और कंडक्टर आशीष पाल की सूझबूझ और तत्परता से मां और नवजात की जान बच गई। यह घटना साबित करती है कि मानवता आज भी जिंदा है।
By: Yogesh Patel
Aug 22, 20257:49 PM
हाइलाइट्स
पन्ना, स्टार समाचार वेब
मानवता की एक अद्भुत मिसाल पेश करते हुए पन्ना जिले में एक बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने अपनी सूझबूझ से एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की जान बचा ली। समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को बस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। यह घटना अमानगंज की रहने वाली निशा कुशवाहा के साथ हुई। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज से पन्ना के जिला अस्पताल रेफर किया गया था। परिजनों ने कई बार 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन मदद नहीं मिली। मजबूरन वे उन्हें भोपाल से पन्ना आ रही एक यात्री बस में लेकर निकले। रास्ते में बस के भीतर ही निशा की पीड़ा असहनीय हो गई। उनकी हालत देखकर बस के ड्राइवर सिद्दीक राइन और कंडक्टर आशीष पाल तुरंत हरकत में आए। उन्होंने महिला को एक खाली सीट पर लिटाया और स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए बस को सीधे पन्ना के जिला अस्पताल ले जाने का फैसला किया। पूरी रफ्तार से बस चलाते हुए वे समय पर अस्पताल के गेट तक पहुंच गए।
ड्राइवर बस लेकर सीधे पहुंचा अस्पताल
उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद दो दाई मौके पर पहुंचीं। बस के भीतर ही दाइयों ने सफलतापूर्वक महिला का प्रसव कराया, जिससे एक स्वस्थ बच्ची का जन्म हुआ। ड्राइवर सिद्दीक राइन और कंडक्टर आशीष पाल की इस तत्परता और मानवता की हर तरफ सराहना हो रही है। उनके इस साहसी कदम से न केवल एक मां और नवजात की जान बची, बल्कि यह भी साबित हुआ कि इंसानियत आज भी जिंदा है।