"भोपाल केंद्रीय जेल में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बंदियों के साथ 'मन की बात' सुनी। उन्होंने मध्यप्रदेश को बंदियों की रिहाई और जेल सुधारों में देश का अग्रणी राज्य बताया।"

भोपाल: स्टार समाचार वेब
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने रविवार को भोपाल की केंद्रीय जेल में बंदियों के साथ वर्ष 2026 के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संवाद को एक 'राष्ट्रीय अभियान' बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम नागरिकों में आशा, विश्वास और आत्मबल जगाने का सशक्त माध्यम है।

आत्म-सुधार का अवसर है कारागार
राज्यपाल ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन और नवनिर्माण का केंद्र है। उन्होंने आह्वान किया कि बंदी अतीत को भूलकर वर्तमान संकल्पों से अपना भविष्य संवारें। श्री पटेल ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बंदियों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे कौशल विकास और स्वास्थ्य संवर्धन जैसे कार्यों की सराहना की।
MP की देश में अनूठी पहल
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने 'मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक–2024' का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहाँ वर्ष में 5 बार बंदियों की रिहाई की मानवीय पहल की जा रही है।

जेल सुधारों में अग्रणी मध्य प्रदेश
महानिदेशक जेल श्री वरुण कपूर ने जानकारी दी कि प्रदेश में जेलों की ओवरक्राउडिंग दर 54% से घटकर 38% रह गई है। साथ ही, गरीब बंदी सहायता योजना को लागू करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश की सभी 125 जेलों में वर्ष में दो बार सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। अध्यात्म से जोड़ने के लिए आगामी 6 फरवरी को स्वामी ज्ञानानंद जी के प्रवचनों का सीधा प्रसारण प्रदेश की प्रमुख जेलों में किया जाएगा।

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