मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच अब बारिश की चेतावनी। 15 जनवरी से नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एमपी के उत्तरी हिस्सों में मावठा गिरने की संभावना है। जानें अपने शहर का हाल
By: Ajay Tiwari
Jan 13, 202611:32 AM
भोपाल: स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में फिलहाल कड़ाके की ठंड और कोहरे का सितम जारी है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक शक्तिशाली 'वेस्टर्न डिस्टरबेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम के प्रभाव से अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्सों में 'मावठा' यानी बेमौसम बारिश होने के प्रबल आसार हैं। बारिश के इस दौर से पहले ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभागों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने और तीखी ठंड का दौर जारी रहेगा।
मंगलवार सुबह प्रदेश के बड़े हिस्से में कोहरे का असर देखा गया। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जैसे जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर में भी कोहरा दर्ज किया गया, हालांकि यहाँ दृश्यता (Visibility) 1 से 2 किलोमीटर के बीच रही। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण उत्तरी मध्यप्रदेश के जिलों में सर्द हवाओं का असर बना हुआ है।
रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी भारी गिरावट देखी जा रही है। सोमवार को दतिया प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहाँ अधिकतम तापमान महज 19.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा ग्वालियर, पचमढ़ी और नौगांव में भी पारा 21 डिग्री के आसपास बना रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों तक ठंड का यह कड़ा रुख बरकरार रहेगा और जैसे ही नया सिस्टम सक्रिय होगा, बादल छाने और बूंदाबांदी से दिन के तापमान में और कमी आ सकती है।