एम्बुलेंस में ही जच्चा-बच्चा ने तोड़ा दम: समय पर इलाज न मिलने से मातृत्व सुरक्षा पर सवाल, सतना में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही फिर आई सामने

सतना जिले में संस्थागत प्रसव की तमाम व्यवस्थाओं के दावों के बीच एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की एम्बुलेंस में मौत ने स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर इलाज, रेफरल व्यवस्था और प्राथमिक उपचार की कमी इस दर्दनाक घटना की बड़ी वजह मानी जा रही है।

By: Star News

Jan 01, 20264:14 PM

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एम्बुलेंस में ही जच्चा-बच्चा ने तोड़ा दम: समय पर इलाज न मिलने से मातृत्व सुरक्षा पर सवाल, सतना में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही फिर आई सामने

हाइलाइट्स

  • एम्बुलेंस में इलाज के अभाव में प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत
  • रास्ते में हालत बिगड़ने के बाद भी समय पर जीवनरक्षक सुविधा नहीं मिली
  • स्वास्थ्य विभाग ने कराया पोस्टमार्टम, डेथ ऑडिट के आदेश

सतना, स्टार समाचार वेब

जिले में संस्थागत प्रसव के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं लेकिन किसी भी गर्भवती को समय पर ये सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया जहां प्रसूता को समय पर उचित इलाज न मिलने पर प्रसूता की मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद गर्भस्थ शिशु को बचाने के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया लेकिन अंतत: गर्भस्थ शिशु ने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया। 

मिली जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार की देर रात की है जहां नकैला निवासी सुनीता सिंह (40 वर्ष), पत्नी विनीत सिंह को प्रसव के लिए एम्बुलेंस 108 से जिला अस्पताल लाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही तबियत बिगड़ने के कारण कोठी समुदाईक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। कोठी पहुंचने पर डियूटी पर पदस्थ डॉ. शिवेंद्र सिंह द्वारा गर्भवती का चेकउप किया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया, जबकि बच्चे की पल्स चल रही थी। बच्चे को जीवित रखने चिकित्सकों द्वारा मृत प्रसूता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एम्बुलेंस 108 से जिला अस्पताल लाते समय बच्चे ने भी दम तोड़ दिया स्वास्थ्य विभाग के इस लापरवाह रवैये ने एक बार फिर एक प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की जान ले ली, जिसने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है ? जानकारी के अनुसार सुनीता अपने मायके कोठी में थी, जहां प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। परिजनों के अनुसार रास्ते में ही महिला की हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गई।

कराया गया पीएम

बुधवार को जिला अस्पताल में दोनों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। इस पूरे मामले में अब तक परिजनों की ओर से कोई आरोप सामने नहीं आये हैं। विभाग ने डेथ आॅडिट के लिए पोस्टमार्टम कराया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इधर, एम्बुलेंस में ही प्रसव

बुधवार की देर शाम एम्बुलेंस में ही प्रसव होने का मामला भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक संगीता कोल पति दिलीप कोल उम्र 25 साल निवासी पासी भरजुना को प्रसव के लिए जननी एक्सप्रेस से जिला अस्पताल लाया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक प्रसूता को विगत रात से ही प्रसव पीड़ा चालू हो गई थी, लेकिन परिजनों ने ले जाने में देर कर दी। एम्बुलेंस जैसे ही बस स्टैण्ड पहुंची प्रसूता का  सामान्य प्रसव हो गया। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दोनों स्वस्थ अवस्था में हैं।  

मामला बीएमओ द्वारा संज्ञान में आया है। प्रसूता की मौत रास्ते में ही हो गई थी, जिसके कारण गर्भस्थ शिशु की भी मौत हुई। मामले की जांच कराई जाएगी। 

डॉ. मनोज शुक्ला, सीएमएचओ

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