सतना जिला अस्पताल का ब्लड बैंक गंभीर संकट से गुजर रहा है। एचआईवी कांड के बाद रक्तदान लगभग थम गया है, जिससे निगेटिव और रेयर ब्लड ग्रुप का स्टॉक खत्म होने की कगार पर है।
By: Yogesh Patel
Feb 03, 202611:19 AM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
एचआइवी कांड के बाद से ब्लड बैंक अछूत सा हो गया है। जिले के रक्तवीर न जाने कहां खो गए हैं जो इस ओर देख ही नहीं रहे हैं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुपों के ब्लडों का स्टॉक लगभग खत्म सा ही है। जानकारी के अनुसार रविवार को स्टोरेज में मात्र 12 यूनिट ही शेष थे, जबकि 8 यूनिट अंडर टेस्टिंग में लगे हैं। इन हालातों में सतना में थैलीसीमिया के रेगुलर रजिस्टर्ड 38 मरीज एवं गायनी वार्ड में सिकिल सेल एनिमिक गर्भवतियों को नि:शुल्क ब्लड मुहैया कराना चुनौती भरा है। पॉजिटिव यूनिट के ब्लड ग्रुप भी खत्म होने की कगार में हैं। ऐसे में यदि किसी मरीज को इमरजेंसी हालत में ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ जाए तो मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। हालात ऐसे हैं कि थैलीसीमिया और सिकिल सेल एनीमिया के मरीज दिन- रात ब्लड का इंतजार करते नजर आते हैं। बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि गरीब, मध्यम वर्गीय पीड़ित परिवार कैसे ब्लड अरेंज करे?
स्टॉक में सिर्फ 12 यूनिट ब्लड
ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार दिनों-दिन ब्लड बैंक से ब्लड का स्टॉक खत्म हो रहा है। रविवार को केवल पॉजिटिव यूनिट के 12 बैगों का स्टॉक उपलब्ध था। इसमें ए पॉजिटिव का एक, बी पॉजिटिव के 6, ओ पॉजिटिव का 2, एबी पॉजिटिव के 1, एवं बी निगेटिव के 2 बैग ही उपलब्ध थे। ए निगेटिव, ओ निगेटिव एवं एबी निगेटिव यूनिट के ब्लड पूरी तरह खत्म हैं। ब्लड से बनने वाले कॉम्पोनेन्ट में पैक सेल, प्लेटलेट्स भी 12 यूनिट ही शेष हैं। इन कॉम्पोनेन्ट की लाइफ पांच से 6 दिन ही होती है इसके बाद यह खराब हो जाते हैं।
रेयर ग्रुप के मरीज खाली हाथ लौटे
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ब्लड बैंक में निगेटिव ब्लड ग्रुपके लिए आ रहे गंभीर मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। हालांकि प्रबंधन द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन स्थिति सुधर नहीं रही है। निगेटिव ग्रुप के ब्लड का प्रबंध करना आसान नहीं है। ये ग्रुप वैसे भी रेयर माने जाते हैं।
स्टोरेज सेंटर के हालात भी खराब
जिले में ही यह स्थिति नहीं है, जिले के अलावा संचालित मैहर और नागौद ब्लड बैंक स्टोरेज सेंटर में भी हालात खराब हैं। मैहर ब्लड स्टोरेज में केवल तीन यूनिट ही शेष था जानकारी के मुताबिक हाल ही में नागौद में रक्तदाता कैंप में 15 यूनिट रक्त मिला था, जिसे जिला अस्पताल लेकर टेस्टिंग की गई थी। ब्लड बैंक के पत्राचार के बाद भी कहीं भी कैंप आयोजित नहीं हुआ।
ब्लड बैंक में ब्लड का स्टॉक खत्म हो रहा है, पहली प्राथमिकता में थैलीसीमिया एवं गर्भवती महिलाएं हैं सभी समाज सेवी संस्थाओं को पत्राचार करने के बाद भी कोई आगे नहीं आरहा है। रक्तदाताओं को सभी भ्रमों को छोड़ते हुए गंभीर मरीजों के लिए आगे आना होगा, तभी मरीजों की जान बचेगी।
डा. अंकिता पांडेय, ब्लड बैंक प्रभारी जिला अस्पताल सतना