सतना जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिजिटल एक्सरे मशीन दो साल से निष्क्रिय है। ट्रांसफार्मर न लगने से मरीजों को एक्सरे के लिए सतना शहर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर मदद की पेशकश की, बावजूद इसके अफसरों की लापरवाही के कारण काम अब तक अधर में है। स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल जारी है, जबकि मरीज लगातार परेशान हैं।

हाइलाइट्स
कोठी, स्टार समाचार वेब
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोठी में भर्रेशाही का आलम है। आरोप लग रहे हैं कि यहां कमीशनखोरी और मनमानी के चलते अव्यवस्था फैली हुई है। आलम यह है कि शासन से पैसा आ जाने के बाद भी स्वास्थ्य केन्द्र में ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा रहा है, जिस वजह से क्षेत्रीय मरीजों को डिजिटल एक्सरे मशीन की सुविधा नहीं मिल पा रही।
दो साल से मरीज परेशान
बताया गया है कि यहां पर डिजिटल एक्सरे मशीन की सुविधा क्षेत्रीय मरीजों को पिछले दो साल से नहीं मिल रही है। इस संबंध में जब भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधिकारियों व संबंधितों से जानकारी मांगी गई तो हमेशा बजट न होने की वजह से आर्थिक परेशानी बताकर पल्ला झाड़ लिया जाता था। चूंकि क्षेत्रीय लोगों द्धारा लगातार किए जा रहे संघर्ष के बाद इस स्वास्थ्य केन्द्र में डिजिटल एक्सरे मशीन की सुविधा प्रदान करने की अनुमति दी गई, मगर स्वास्थ्य केन्द्र में ट्रांसफार्मर न होने की वजह से डिजिटल एक्सरे मशीन की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही थी।
स्थानीय लोग आगे आए
बताया गया है कि कोठी के इस स्वास्थ्य केन्द्र में विभाग द्धारा ट्रांसफार्मर के लिए जब पैसा आवंटित नहीं किया तो क्षेत्रीय लोगों ने स्वयं चंदा कर स्वास्थ्य केन्द्र को पैसा देने का प्रस्ताव रखा ताकि यहां ट्रांसफार्मर लगाया जा सके और मारीजों को एक्सरे मशीन की सुविधा मुहैया हो सके।
सीएमएचओ ने स्वीकृत कराया पैसा
कोठी के लोगों द्धारा चंदा एकत्र कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ट्रांसफार्मर लगाने की जानकारी मिलने पर मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी एलके तिवारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जरूरी रकम विभाग से स्वीकृत करवाई और सितंबर माह में ही ट्रांसफार्मर लगवा कर डिजिटल एक्सरे मशीन चालू करवाने के निर्देश दिए।
अफसरों पर उठ रहे सवाल
क्षेत्रीय लोगों की मानें तो मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी एलके तिवारी द्धारा राशि स्वीकृत कराने और सितम्बर तक डिजिटल एक्सरे मशीन चालू करवाने के निर्देश का पालन यहां के जिम्मेदार अधिकारियों द्धारा नहीं किया गया और अक्टूबर का महीना खत्म होने वाला है, मगर अभी तक डिजीटल एक्सरे मशीन का लाभ नहीं मिल पा रहा, जिस कारण संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान लग रहे हैं। एक्सरे मशीन का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिलने से मरीज इधर-उधर भटक रहे हैं और मनमानी रूप से वह लूट का शिकार हो रहा है। एक्सरे के लिए यहां के मरीज को सतना जाना पड़ता है जिस कारण एक तरफ उसके पैसे की बर्बादी होती है वहीं दूसरी तरफ उसका समय भी बर्बाद होता है जिससे वह दुखी एवं पीड़ित है। आरोप है कि यहां राशि स्वीकृत होने के बाद भी ट्रांसफार्मर के न लगने से सवाल हो रहे हैं कि संबंधित अधिकारी या तो कार्य के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं या फिर कमीशन के खेल के चलते ट्रांसफार्मर नहीं लगवाया जा रहा।
पत्रों का दौर
स्थानीय लोगों की मानें तो इस मामले में अभी भी पत्राचार का दौर चल रहा है। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी द्धारा विद्याुत विभाग कोठी को पत्र लिखा गया है, जिसके जबाव में विद्युत विभाग कोठी ने फिर से अपने विभाग को पत्र लिखा और बस पत्राचार का ही दौड़ चला रहा, लिहाजा अभी तक ट्रांसफार्मर नहीं लग पाया। आरोप है कि जब इस मामले में किसी भी अधिकारी से कहा जाता है तो वह अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए बस यही जवाब देते हैं कि जल्द हो जाएगा, होने वाला है हमने अपनी तरफ से कार्रवाई कर दी है। विद्युत विभाग वाले कहते हैं की अस्पताल वाले लगवाए और अस्पताल वाले कहते हैं कि हमारा काम सूजी लगाना है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में जब हमारे सवांददाता ने कोठी विद्युत विभाग के प्रभारी हेमराज सेन से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि हमारे पास स्वास्थ्य विभाग का पत्र आया है, हमने अपने विभाग को पत्र लिख दिया है जल्द ही काम हो जाएगा।


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