सतना जिले के सोहावल ब्लॉक के बेला सरकारी प्राइमरी स्कूल को बिना बिजली कनेक्शन के 17,104 रुपए का बिल थमा दिया गया। बिजली विभाग पिछले एक साल से लगातार बिल भेज रहा है, जबकि विद्यालय में बिजली का खंभा तक नहीं लगा है

सतना, स्टार समाचार वेब
सतना जिले में विद्युत विभाग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, स्कूल में पंखे लटके हैं पर बिजली कनेक्शन नहीं है। इसके बाद भी बिजली विभाग पिछले एक साल से बिल जारी कर शिक्षा विभाग को झटके पर झटका दे रहा है। मामला सतना जिले के सोहावल ब्लाक व घूरडांग संकुल अंतर्गत शासकीय प्राइमरी स्कूल बेला में पिछले साल से बिजली विभाग स्कूल के नाम बिल पर बिल भेज रहा है। बिजली विभाग ने बेला स्कूल के नाम पर 2 किलो वॉट खपत निर्धारित करते हुए आईव्हीआरएस नंबर एन 1495014445 जनरेट कर 17 हजार 104 रुपए का बिल जारी कर दिया है। अब विद्यालय प्रबंधन को समझ नहीं आ रहा है कि बिना बिजली कनेक्शन के वे बिजली बिल कहां से जमा करें? जिला शिक्षा केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल स्कूल के प्रधानाध्यापक ने संकुल प्राचार्य को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि बिजली कनेक्शन न होने के बाद भी एमपीईबी बिजली बिल भेज रहा है। समस्या का निराकरण नहीं हुआ और बिजली विभाग ने 17 हजार से अधिक का बिल थमा दिया।
पोल लगाना भूले, बिल देना रहा याद
प्राथमिक शाला बेला में भेजा गया बिल विभाग द्वारा तैयार होने वाले बिजली बिलों की पोल खोल रहा है। यदि बेला विद्यालय के मामले को देखें तो विद्युत विभाग विद्यालय तक बिजली पहुंचाने के लिए पोल नहीं लगा सका, लेकिन बिजली बिल लगातार भेजता रहा।
हम हैरान हैं। विद्यालय में बिजली कनेक्शन नहीं हैं, जबकि इसकी जरूरत है, लेकिन विद्युत विभाग ने बिना कनेक्शन के ही हजारों का बिल भेज दिया है।
अलका निगम, हेडमास्टर बेला
बेला विद्यालय में बिजली कनेक्शन न होने के बाद भी 17 हजार से अधिक का बिल भेजने की जानकारी विद्यालय प्रबंधन द्वारा दी गई है। बिजली कनेक्शन न होने के बाद भी बिल पहुंचने के मामले की जांच कराई जाएगी।
विष्णु त्रिपाठी, प्रभारी डीईओ
अभी मामला मेरे संज्ञान में आया है, मौके पर जांच टीम को भेजकर कनेक्शन की जांच कराई जाएगी।
पीके मिश्रा, अधीक्षण यंत्री


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