रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में सोमवार को छात्रों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के हॉस्टल और डे-स्कॉलर छात्रों के बीच ग्रुप लीव (जीटी) को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते लात-घूंसे और बेल्ट से मारपीट तक पहुंच गया।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
सोमवार को श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों ने जमकर तांडव मचाया। हास्टलर्स और डे-स्कालर के बीच में जीटी को लेकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ा की मामला मारपीट तक पहुंच गया। पहले एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्रों ने एक दूसरे को पीटा। फिर हास्टल के सीनियर छात्र पहुंच गए। डे स्कॉलर छात्रों को संजय गांधी अस्पताल में फिर विवाद हुआ। सीनियर छात्रों ने जूनियरों को लात-घूसों और बेल्ट से पीटा। विवाद की जानकारी लगते ही मौके पर डीन पहुंचे। उनके पहुंचने के बाद विवाद शांत हुआ। मामले की जांच जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद वर्ष 2025 बैच के एमबीबीएस छात्रों के बीच उपजा। पूरा मामला ग्रुप लीव को लेकर था। कुछ छात्र ग्रुप लीव का दबाव बना रहे थे। वही कुछ क्लास में जाने पर अड़े हुए थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। फर्स्ट ईयर के छात्रों के बीच इसी बात को लेकर सोमवार की सुबह विवाद बड़ा और मारपीट हो गई। पहले यह मामला कॉलेज में हुआ तो डीन ने सभी को तलब कर लिया और क्लास लगा दी। मेडिकल कॉलेज में डीन डॉ सुनील अग्रवाल छात्रों की क्लास लगा ही रहे थे कि संजय गांधी अस्पताल में सीनियर छात्रों ने जूनियर को घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद हंगामा मच गया। डीन भागते भागते संजय गांधी अस्पताल पहुंचे। डीन के पहुंचते ही मारपीट करने वाले छात्र भागने लगे। जिन्हें छत पर जाकर पकड़ा गया। सभी की परेड कराई गई है। जांच की जा रही है।
सीनियर बैच संजय गांधी अस्पताल पहुंच गया
एमबीबीएस के छात्र क्लास नहीं जाना चाह रहे थे। हास्टल के छात्रों और बाहर रहने वाले छात्रों के बीच इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बात पर मारपीट हुई थी। एक गुट को डीन ने बैठा रखा था। वहीं दूसरा गुट संजय गांधी अस्पताल की तरफ था। जिन्हें एमबीबीएस के वर्ष 2023 और 21 बैच ने घेर लिया। इसके बाद एसजीएमएच के गेट के सामने ही लात-घूसे शुरू हो गए। छात्रों ने सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। जमकर मारपीट हुई।
सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रह गए
अस्पताल परिसर में मारपीट होती रही लेकिन कोई भी इसे रोकने के लिए सामने नहीं आया। सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहे। पूरे अस्पताल परिसर में हंगामा होता रहा। इस मारपीट की घटना के कारण अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन डरे सहमे थे। बाद में जब डीन और चिकित्सक मौके पर पहुंचे तब जाकर मामला शांत हुआ।
फेस्ट का आयोजन नहीं होने से बढ़ा विवाद
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2025 बैच के छात्रों के लिए फेस्ट कराना था। यानि वेलकम पार्टी देनी थी। इसका आयोजन लंबे समय से नहीं हो रहा था। वर्ष 2025 के बैच के छात्रों को वर्ष 2022 बैच के छात्रों द्वारा फेस्ट कराना था। फेस्ट का आयोजन नहीं हो रहा था। इसके कारण भी छात्रों के आपसी खींचतान मची हुई थी। छात्र आयोजन को लेकर डिप्टी सीएम से भी मिले थे। डिप्टी सीएम ने डीन को फेस्ट आयोजन के निर्देश दिए थे लेकिन डीन हर संडे को आयोजन के लिए कह रहे थे। फेस्ट को लेकर ही छात्र जीटी मारने की तैयारी में थे। फेस्ट का आयोजन सप्ताह भर चलता है। ऐसे में हर संडे आयोजन में लंबा समय लग सकता है। इसी बात से छात्र नाराज चल रहे थे।
बढ़ता जा रहा है छात्रों पर मानसिक तनाव
छात्रों का कहना है कि कॉलेज में वार्षिकोत्सव का आयोजन नहीं किया जा रहा है। वार्षिकोत्सव के आयोजन से छात्रों को मानसिक आराम मिलता है। छात्र पढ़ाई के अलावा अन्य एक्टिविटी में लगे रहते हैं। जिससे उन्हें मानसिक शांति मिलती है। वार्षिक उत्सव सिर्फ छात्रों के लिए मनोरंजन नहीं है। इसमें स्पोर्ट्स, एजुकेशनल एक्टिविटी, टलेंट शोकेस, कल्चरल नाइट और डिनट नाइट जैसे आयोजन भी होते हैं। इसमें छात्र शामिल होते हैं। आपसी समन्वय भी बढ़ता है। इन आयोजनों के न होने से ही इस तरह की स्थितियां निर्मित हो रही हैं।
वर्ष 2025 बैच के छात्र थे। उनके बीच में आपस में विवाद हुआ है। जीटी मारने के चक्कर में विवाद हुआ है। आधे लोग जीटी में जाना चाह रहे थे। आधे नहीं जाना चाह रहे थे। इसी बात पर विवाद हुआ है। आधे छात्र लेक्चर हाल में बैठे थे। उनसे चर्चा कर रहे थे। फिर सीनियर का गुट अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने विवाद कर दिया। डेस्कॉलर और हास्टलर के बीच में विवाद हुआ है।
डॉ. सुनील अग्रवाल, डीन, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा


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