सिरमौर जलविद्युत परियोजना (टीएचपी) की दो यूनिटें जनवरी और फरवरी से बंद रहीं, जिससे शासन को लगभग 500 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। वर्तमान में एक यूनिट अभी भी बंद है। यूनिट नंबर 3 का जनरेटर तीन साल में फिर से खराब हो गया है और इसका वायब्रेशन बंद नहीं हो रहा।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
सात माह से बंद हुई टीएचपी की दो यूनिट फिलहाल शुरू हो गई हैं जबकि एक अभी भी बंद पड़ी हुई है। बंद यूनिटों से शासन को 500 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। खास बात यह है कि सिरमौर टीएचपी में बिजली बनाने के लिए लगाई गई तीन यूनिटें डेढ़ वर्ष तक बंद हुई थीं जिनसे करोड़ों का नुकसान हुआ था। यूनिट नंबर-3 का जनरेटर दगा दे गया और वायब्रेशन बंद ही नहीं हुआ, जिसे ओवरहॉलिंग में डाल दिया गया है। एक रनिंग में आ गई है लेकिन तीन नंबर यूनिट अभी भी बंद पड़ी है।
आपको बता दे कि सिरमौर में 105 मेगावाट की पानी से बिजली बनाने वाली तीन यूनिटें स्थापित हैं। यह यूनिट बारिश में सालों से एक साथ रन ही नहीं कर पाई। कोई न कोई यूनिट ठप ही रहती है। वर्तमान समय में भी एक यूनिट खुली हुई है। इसका सुधार और मेंटीनेंस चल रहा है। 15 दिन पहले बंद यूनिटों की संख्या दो थी। एक यूनिट सुधरने के बाद चालू हो गई। वर्तमान समय में दो चल रही हैं लेकिन यूनिटों के बंद होने से शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। वर्तमान समय में जो यूनिट खराब है। वह तीन साल पहले भी बंद हुई थी। तब यह यूनिट करीब डेढ़ साल तक बंद रही। तब भी करोड़ों का नुकसान शासन को उठाना पड़ा था।
तीन साल भी नहीं चल पाई यूनिट नंबर-3
आपको बता दे कि तीन साल पहले भी यूनिट नंबर 3 बंद पड़ गई थी। इसके जनरेटर में खराबी आ गई थी। इसे तब भी पूरा खोला गया था। नए सिरे से सुधार कार्य किया गया था। यह यूनिट एक बार बनी थी। ट्रायल के बाद रनिंग में डाला गया था। फिर यह यूनिट ठप हो गई थी। दोबारा से खोलकर यूनिट नंबर 3 को सुधारा गया था। इस दौरान जनरेटर में खराबी सामने आई थी। भेल के इंजीनियरों ने सुधार कार्य किया था। तब भी जनरेटर का वायब्रेशन खत्म नहीं हुआ था। हालांकि आवाज हल्की थी। इंजीनियरों ने कहा था कि जब वायब्रेश की आवाज बढ़ेगी तब इसे दोबारा सुधारना पड़ेगा। तीन साल यह यूनिट चली लेकिन आवाज बंद नहीं हुई। आवाज बढ़ने पर जनवरी में इसे दोबारा खोल दिया गया। फिलहाल इसकी ओव्हर हॉलिंग का काम जारी है।
हर दिन 24 लाख यूनिट का नुकसान
टीएचपी सिरमौर में तीन यूनिट लगी हैं। एक यूनिट यदि फुल स्पीड में चलती है तो इससे एक दिन में करीब 24 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। अब ऐसे में शासन को होने वाले घाटे का अनुमान लगा सकते हैं। यदि एक यूनिट की कीमत चार रुपए भी जोड़ें तो यह नुकसान एक यूनिट से एक दिन का 1 करोड़ रुपए हो जाता है। जनवरी और फरवरी से जुलाई तक दो यूनिटें बंद थी। ऐेस में यह घाटा करीब 500 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता है। यह नुकसान अभी जारी है। एक यूनिट अभी भी ठप है।
एक जनवरी व दूसरी फरवरी में हुई थी ठप
टीएचपी सिरमौर में यूनिट नंबर 3 जनवरी और यूनिट नंबर दो फरवरी में बंद हुई थी। इन दोनों यूनिटों को ओव्हर हॉलिंग में डाल दिया गया था। इसमें से एक यूनिट नंबर 2 तो मध्य जुलाई मे शुरू हो गई लेकिन यूनिट नंबर 3 का सुधार कार्य जारी है। भेल के इंजीनियरों को सुधारने की जिम्मेदारी मिली है। इसके फिलहाल बारिश के बाद ही शुरू होने की उम्मीद है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।