रीवा में आयोजित अंतर विश्वविद्यालय महिला फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन पर एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने खेल भावना, कौशल विकास और निरंतर प्रयास का महत्व बताया।
By: Yogesh Patel
Feb 14, 20263:22 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय स्टेडियम में अन्तर्विश्वविद्यालय पश्चिम क्षेत्र महिला फुटबाल प्रतियोगिता के समापन अवसर पर शुक्रवार को रीवा पहुंचे देश के नौसेना प्रमुख ने जहां खिलाड़ियों को खेल भावना से खेलने की नसीहत दी। वहीं उन्होंने कहा कि खेल में दो तरह के लोग होते हैं एक विनर और दूसरा रनर होता है। द्वितीय स्थान पाने वाले खिलाड़ी को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह हार गया है। हार में ही जीत होती है।
उन्होंने कहा कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की शुरुआत वर्ष 1968 में हुई थी तब से लेकर आज तक यह विश्वविद्यालय कई कीर्तिमान स्थापित कर चुका है। उन्होंने कहा कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का ध्यान एजुकेशन पर तो रहता ही है इसके अलावा स्पोर्ट एवं पर्सनालिटी डेवलपमेंट में भी विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि डिग्री तो इंपार्टटेंट ही है उससे कहीं ज्यादा स्किल डेवलपमेंट जरूरी है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक कुमार सिंह रहे एवं अध्यक्षता अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति राजेन्द्र कुमार कुडरिया ने की।
पांच राज्यों की 48 टीमों ने लिया हिस्सा
अंतर विश्वविद्यालय पश्चिम महिला फुटबाल में पांच राज्यों से 48 टीमों ने भाग लिया है। यहां पर यह बता दें कि प्रतियोगिता 9 फरवरी से शुरू हुई है जिसका समापन शुक्रवार को किया गया। पांच राज्यों में मध्यप्रदेश, महाराष्टÑ, गुजरात, राजस्थान एवं गोवा की टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के समापन अवसर में एसएसपी युनिवर्सिटी पुणे ने प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं एलएनआईपी युनिवर्सिटी ग्वालियर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जबकि गोवा विश्वविद्यालय तृतीय एवं मुंबई चतुर्थ स्थान पर रही।
एडमिरल ने खिलाड़ियों से लिया परिचय
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शुक्रवार को अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के स्टेडियम में महिला फुटबाल टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों के खिलाड़ियों से परिचय लिया। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को बधाई दी साथ ही यह भी कहा कि जो टीम जीत का हिस्सा नहीं बन पाई हैं उन्हें प्रयास करना चाहिए। ऐसा नहीं है कि लगातार प्रयास सफल नहीं होता है।