मध्य प्रदेश के उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 के लिए रेलवे ने शुरू की तैयारियां। जानें उन 7 रेलवे स्टेशनों के बारे में जिनका कायाकल्प हो रहा है और श्रद्धालुओं के लिए क्या होंगी विशेष सुविधाएं।
By: Ajay Tiwari
Jan 24, 20264:40 PM
उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ 2028 के लिए रेलवे ने एक भव्य 'मास्टर प्लान' तैयार किया है। इस बार रेलवे का मुख्य फोकस भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सुगम यात्रा पर है, जिसके लिए उज्जैन के साथ-साथ इंदौर और रतलाम रेल मंडल के प्रमुख स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है।
उज्जैन: स्टार समाचार वेब
साल 2028 में मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक विशेष रणनीति तैयार की है, जिसके तहत उज्जैन के आसपास के 7 रेलवे स्टेशनों को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है।
रेलवे की मुख्य योजना यात्रियों को केवल उज्जैन मुख्य स्टेशन पर केंद्रित न रखते हुए, उन्हें 7 अलग-अलग स्टेशनों पर 'डिवाइड' करने की है। मेला अधिकारी आशीष सिंह और रेलवे अधिकारियों की मासिक बैठकों में इस रणनीति पर मुहर लगी है। इन स्टेशनों से भक्तों को सीधे मेला क्षेत्र तक पहुँचने के लिए सुगम मार्ग उपलब्ध कराए जाएंगे।
कायाकल्प होने वाले प्रमुख स्टेशन:
उज्जैन मुख्य स्टेशन
चिंतामण गणेश
पिंगलेश्वर
नई खेड़ी
शिप्रा ब्रिज
पवासा
लिकोड़ा
पिंगलेश्वर स्टेशन: यहाँ दो नए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे ताकि प्रमुख ट्रेनों का ठहराव देकर यात्रियों को उतारा जा सके।
फुट ओवर ब्रिज (FOB): नागदा में 12 मीटर चौड़ा FOB बनेगा, जबकि उज्जैन मुख्य स्टेशन पर 6 और 12 मीटर के आधुनिक फुट ओवर ब्रिज तैयार किए जाएंगे।
विशेष सुविधाएं: यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया, दिव्यांग अनुकूल व्यवस्थाएं, हेल्प डेस्क और शुद्ध पेयजल के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
तैयारियों में पिछले सिंहस्थ और प्रयागराज महाकुंभ के अनुभवों को शामिल किया गया है। उज्जैन के अतिरिक्त इंदौर, लक्ष्मीबाई नगर, मांगलिया, देवास, नागदा, विक्रम नगर और रतलाम स्टेशनों पर भी बड़े विकास कार्य किए जा रहे हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन शहरों से होकर उज्जैन पहुँचेंगे।
मुकेश कुमार, जनसंपर्क अधिकारी रतलाम मंडल