मध्यप्रदेश कैडर के अनुभवी और कई जिलों में कप्तान की भूमिका निभा चुके आईपीएस अभिषेक तिवारी ने अचानक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। तिवारी पिछले दो वर्षों से दिल्ली में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे।
By: Arvind Mishra
Jan 24, 20262:01 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश कैडर के अनुभवी और कई जिलों में कप्तान की भूमिका निभा चुके आईपीएस अभिषेक तिवारी ने अचानक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। तिवारी पिछले दो वर्षों से दिल्ली में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। सागर में दीवार गिरने से हुई 9 बच्चों की मौत के बाद उन्हें पद से हटाया गया था, जिसके बाद वे दिल्ली चले गए थे। दरअसल, आईपीएस अभिषेक तिवारी ने सेवा से इस्तीफा देते हुए वीआरएस मांगा है। वे वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में सेवाएं दे रहे हैं। इसी दौरान उनके वीआरएस की खबर सामने आई है। इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया गया है।
राष्ट्रपति पदक से हो चुके सम्मानित
मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ व 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी दो बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हो चुके हैं। बालाघाट पोस्टिंग के दौरान नक्सलियों के एनकाउंटर में अहम भूमिका व अद्म्य साहस के लिए राष्ट्रपति सम्मान दिया गया था। बता दें कि इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया गया है।
एनटीआरओ में डेप्युटेशन पर दे रहे सेवाएं
आईपीएस तिवारी वर्तमान में नेशनल टेक्निकल रिसर्च आगेर्नाइजेशन ( एनटीआरओ) में डेप्युटेशन पर सेवाएं दे रहे हैं। इसके पहले वे मध्य प्रदेश में बालाघाट, सागर सहित तीन जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक पदस्थ रहे हैं।
शानदार करियर और वीरता पदक
अभिषेक तिवारी की पहचान एक सख्त और नवाचारी अधिकारी के रूप में रही है। मध्यप्रदेश के बालाघाट जैसे चुनौतीपूर्ण जिले में बतौर एसपी उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें दो बार राष्ट्रपति पदक से नवाजा जा चुका है।
साइबर तकनीक के क्षेत्र में काम करेंगे
आधिकारिक तौर पर अभिषेक तिवारी ने निजी कारणों से नौकरी छोड़ने की बात कही है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे भविष्य में साइबर टेक्नालॉजी के क्षेत्र में कुछ नया करने की प्लानिंग कर रहे हैं। हालांकि अभी यह खुलकर सामने नहीं आ सका कि उनके इस्तीफे के पीछे की असली वजह क्या है।