ब्रिटेन सरकार ने फर्जी स्किल्ड वर्कर वीजा स्पॉन्सरशिप के विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए नया कानून बनाया है। स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि एजेंट फर्जी जॉब सर्टिफिकेट के जरिए प्रवासियों को धोखा दे रहे हैं।

हाइलाइट्स
ब्रिटेन. स्टार समाचार वेब
ब्रिटेन में फर्जी वीजा स्पॉन्सरशिप के बढ़ते गोरखधंधे पर ब्रिटिश सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है। एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन के बाद, जिसमें फर्जी जॉब सर्टिफिकेट और कागजी सैलरी के जरिए स्किल्ड वर्कर वीजा दिलाने के घोटाले का पर्दाफाश हुआ, सरकार ने इसे अपराध घोषित करने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, अगले हफ्ते से प्रभावी होने वाले नए कानून के तहत ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से झूठी वीजा स्पॉन्सरशिप बेचना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा।
मीडिया जांच में सामने आया कि कुछ अनियमित एजेंट उन कंपनियों के जरिए स्पॉन्सरशिप सर्टिफिकेट जारी कर रहे थे, जिन्हें सरकार की मंजूरी मिली हुई है। ये एजेंट आईटी, सोशल केयर, लॉजिस्टिक्स और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में नकली नौकरियों का दावा करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बैंक ट्रांसफर का एक ऐसा जटिल जाल बुना जाता है, जिससे यह दिखाया जा सके कि कर्मचारी को सैलरी मिल रही है, जबकि वास्तव में वह वेतन केवल कागजों पर ही मौजूद होता है।
2020 में शुरू हुई स्किल्ड वर्कर वीजा योजना का उद्देश्य सोशल केयर इंडस्ट्री में कर्मियों की कमी को पूरा करना था। लेकिन अब इसका इस्तेमाल एक ब्लैक मार्केट बनाने में किया जा रहा है, जो उन लोगों को निशाना बनाता है जो ब्रिटेन में स्थायी निवास (PR) या अनिश्चित काल तक रहने की इजाजत पाना चाहते हैं। सरकार के इस नए कानून का उद्देश्य इसी फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करना और देश की अप्रवासन प्रणाली (Immigration System) को सुरक्षित बनाना है।

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