अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने H-1B वीजा पर $100,000 (लगभग ₹84 लाख) की भारी-भरकम वार्षिक फीस लागू करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह नई फीस केवल नए (Fresh) H-1B वीजा आवेदकों पर लागू होगी।

अमेरिका. स्टार समाचार वेब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने H-1B वीजा पर $100,000 (लगभग ₹84 लाख) की भारी-भरकम वार्षिक फीस लागू करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह नई फीस केवल नए (Fresh) H-1B वीजा आवेदकों पर लागू होगी। अमेरिका में पहले से काम कर रहे लाखों मौजूदा H-1B वीजा धारकों, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स शामिल हैं, को इस नियम से छूट दी गई है। यह फैसला मौजूदा श्रमिकों, उनके परिवारों (H-4 वीजा धारकों), और वीजा नवीनीकरण (Renewal) आवेदकों के लिए एक बड़ी राहत है। यह छूट वर्तमान में सितंबर 2026 तक $100,000 फीस के नियम को टालती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर 2025 को एक एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत H-1B वीजा के लिए $100,000 (लगभग 84 लाख रुपये) की सालाना फीस लगाने का प्रावधान किया गया था। यह भारी-भरकम फीस विदेशी कुशल श्रमिकों को अमेरिका लाने वाली स्पॉन्सर कंपनियों को चुकानी थी, और यह नियम 21 सितंबर 2025 से प्रभावी हो गया था। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना और घरेलू श्रमिकों के हितों की रक्षा करना बताया गया था।
ट्रंप प्रशासन की इस नई सख्ती के बावजूद, व्हाइट हाउस ने अब स्पष्ट कर दिया है कि यह $100,000 की नई फीस केवल नए H-1B आवेदकों (Fresh Applicants) पर लागू होगी। इस स्पष्टीकरण से अमेरिका में पहले से ही H-1B वीजा पर काम कर रहे करीब 5 लाख विदेशी श्रमिकों को तत्काल राहत मिली है, जिनमें से अधिकांश भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स हैं। अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, और मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियां, जो H-1B वीजा पर अत्यधिक निर्भर हैं (उदाहरण के लिए, FY 2025 में अमेज़न ने 14,000 से अधिक वीजा स्पॉन्सर किए), इस छूट से लाभान्वित होंगी।
यह राहत निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदकों पर लागू होगी:
मौजूदा H-1B वीजा धारक: वे श्रमिक जो पहले से H-1B वीजा पर अमेरिका में कार्यरत हैं।
वीजा नवीनीकरण आवेदक (Renewal Applicants): मौजूदा वीजा के एक्सटेंशन या नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वालों पर कोई नई फीस नहीं लगेगी।
2025 लॉटरी में चुने गए आवेदक: जिन लोगों का चयन इस साल की H-1B लॉटरी में हुआ है, उन्हें भी इस नई फीस से छूट मिलेगी।
H-4 वीजा धारक परिवार के सदस्य: H-1B धारकों के पति-पत्नी और बच्चे, जो H-4 वीजा पर हैं, वे भी इस फीस वृद्धि से अप्रभावित रहेंगे।
यह छूट वर्तमान में 12 महीने के लिए वैध है, यानी सितंबर 2026 तक। इस अवधि के बाद छूट के विस्तार की संभावना है।
यह फैसला लाखों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और उनके परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी खबर है। यदि यह फीस मौजूदा कर्मचारियों पर लागू होती, तो कई कंपनियों के लिए अपने विदेशी कर्मचारियों को बनाए रखना आर्थिक रूप से अस्थिर हो जाता, जिससे बड़े पैमाने पर छंटनी हो सकती थी। इस छूट से न केवल उनकी नौकरी सुरक्षित हुई है, बल्कि उन्हें और उनके परिवारों को अमेरिका में अपने भविष्य की योजना बनाने में अनिश्चितता से भी राहत मिली है।

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