टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर इतिहास दोहराया। 19 साल बाद फिर मिली जीत।
By: Star News
Feb 13, 20263:50 PM
कोलंबो। स्पोर्टस डेस्क. स्टार समाचार वेब
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में पहला बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में जिम्बाब्वे ने विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से शिकस्त देकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। जिम्बाब्वे की टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया पर यह दूसरी जीत है। इससे पहले टीम ने 19 साल पहले 2007 के उद्घाटन विश्व कप में कंगारू टीम को धूल चटाई थी।
जिम्बाब्वे की मजबूत बल्लेबाजी: बेनेट की शानदार फिफ्टी
मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया, लेकिन जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने इसे गलत साबित कर दिया। जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवरों में केवल 2 विकेट खोकर 169 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। ब्रायन बेनेट ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 56 गेंदों पर नाबाद 64 रनों की पारी खेली, जो उनके टी-20 करियर का 11वां अर्धशतक है। तादिवानाशे मारुमनी और रयान बर्ल ने 35-35 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया, जबकि कप्तान सिकंदर रजा ने अंत में 13 गेंदों पर ताबड़तोड़ 25 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी का पतन: मुजरबानी की घातक गेंदबाजी
170 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पूरी टीम 19.3 ओवर में महज 146 रनों पर सिमट गई। सलामी बल्लेबाज मैट रेनशॉ (65 रन) और ग्लेन मैक्सवेल (31 रन) को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं सका। ट्रैविस हेड (17) और मार्कस स्टोयनिस (6) फ्लॉप रहे, वहीं टिम डेविड और कैमरन ग्रीन जैसे पावर-हिटर अपना खाता तक नहीं खोल सके। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इवांस ने भी शानदार साथ निभाते हुए 3 विकेट लिए।
संकट में ऑस्ट्रेलिया: सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल
इस हार के साथ ही ग्रुप बी के पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया तीसरे नंबर पर खिसक गया है। 2 मैचों में 1 हार और 1 जीत के साथ उनके पास केवल 2 अंक हैं। अब ऑस्ट्रेलिया के लिए अगले दौर (सुपर-8) की राह काफी कठिन हो गई है। उन्हें न केवल श्रीलंका और ओमान के खिलाफ अपने अगले मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे, बल्कि यह भी दुआ करनी होगी कि श्रीलंका और जिम्बाब्वे अपने आगामी मैचों में से कम से कम एक-एक मैच हारें।