By: Star News
Mar 25, 20266:00 AM
जन्म दिन पर विशेष
भोपाल। अरविंद मिश्र
मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव को अक्सर राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली का मिश्रित रूप माना जाता है। उनके नेतृत्व में भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा और कठोर प्रशासक वाली छवि का अनूठा संगम दिखता है। मोहन यादव मध्यप्रदेश में ‘मोदी-शाह मॉडल’अपनाते हुए कड़े प्रशासनिक फैसलों, विकास कार्यों, और केंद्रीय नेतृत्व के साथ तालमेल बिठाकर अपनी क्षमताओं का लोहा मनवा रहे हैं। यही नहीं, संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाकर राज्य में अपनी एक नई छवि बनाई है।
मोहन की कार्यशाली

सियासी मोर्चे पर भी मोहन सफल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव न केवल सरकार चलाने में सफल साबित हुए, बल्कि राजनीतिक मोर्चे पर भी सफल रहे। 2024 के लोकसभा चुनाव में सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल कर राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया। कांग्रेस के सबसे मजबूत गढ़ों में शामिल रही छिंदवाड़ा सीट पर भी 26 साल बाद जीत दर्ज की। इससे पहले अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में जीत से पार्टी में अपना कद बता चुके थे। मोहन यादव ने कृष्ण भक्त और बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से खुद को जोड़कर अलग छवि बनाई।
समावेशी योजनाएं
मुख्यमंत्रीका ज्ञान पर ध्यान का दर्शन किसानों और महिलाओं तक भी फैला है। किसानों के लिए पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पंप वितरण उनके ज्ञान और व्यवहार का मेल है। महिलाओं के लिए उनकी नीतियां स्वतंत्रता और आर्थिक योगदान के लिए शिक्षा और कौशल पर जोर देती हैं। उनका समग्र नजरिया सुनिश्चित करता है कि कोई भी वर्ग पीछे न छूटे।
औद्योगिक और बुनियादी ढांचे का विकास
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति दी है। 2025 में भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, जो क्षेत्रीय औद्योगिक सम्मेलनों के बाद हुआ, ने एक ही झटके में 30.77 लाख करोड़ का निवेश और 21 लाख नौकरियों का मार्ग प्रशस्त किया। पहले उद्योग-रोजगार और अब 2026 में कृषि वर्ष घोषित किया है।
सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव
डॉ. मोहन यादव की जड़ें धर्म-संस्कृति से गहराई से जुड़ी हैं। विक्रमादित्य शोधपीठ की स्थापना, विक्रम संवत के आयोजन और विक्रमादित्य-वैदिक घड़ी की स्थापना उनके सांस्कृतिक योगदान का प्रमाण है। महानाट्य जाणता राजा में अभिनय और तलवारबाजी का प्रदर्शन सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है।
फैसलों में दृढ़ता
मुख्यमंत्री का शासन सिद्धांतों पर आधारित तेज निर्णयों से चमकता है। लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध और मांसाहारी भोजन की खुली बिक्री पर रोक जैसे फैसले कानूनी और सांस्कृतिक संतुलन का उदाहरण हैं। कुछ इलाकों में नशाबंदी पर विचार व्यावहारिक सोच दर्शाता है।
धार्मिक स्थलों में शराबबंदी
शराबबंदी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मोहन सरकार ने प्रदेश के 17 धार्मिक स्थलों और नगर परिषद क्षेत्रों में शराब की सभी दुकानें बंद करने का निर्णय लिया। इनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मैहर और अमरकंटक जैसे प्रमुख धार्मिक स्थान शामिल हैं। इसके साथ ही, नर्मदा नदी के किनारे 5 किमी के दायरे में शराबबंदी सख्ती से लागू रखने का फैसला किया गया।
तुअर मूल्य निर्धारित, 2600 में गेहूं खरीदी
सीएम डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में तुअर दाल का समर्थन मूल्य 7650 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है। 1.27 मीट्रिक टन खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इस साल गेहूं की उपज को 2600 रुपए क्विंटल खरीदने की घोषणा भी की।
महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर लोक
सीएम डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक की तर्ज पर ओंकारेश्वर लोक के सौंदर्यीकरण करवाने की घोषणा की। ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को इसके धार्मिक महत्व के बारे में अधिक से अधिक पता चले। सिंहस्थ महाकुंभ से पहले यह कार्य संपन्न कराया जाएगा। इसके अलाव प्रदेश में दो दर्जन के करीब धार्मिक और सांस्कृतिक आधार लोक का काम तेजी से चल रहा है।
मंत्रियों को खुद इनकम टैक्स जमा करने का निर्देश
सीएम ने मध्य प्रदेश के मंत्रियों के इनकम टैक्स भरे जाने वाले अधिनियम को समाप्त कर दिया। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि सभी मंत्री अपना टैक्स खुद जमा करेंगे। इससे पहले सरकारी संपत्ति से उनका आयकर जमा होता था। लेकिन जनता का पैसा बचाने का बड़ा निर्णय लेते हुए सीएम ने बड़ी मिसाल पेश की।
नाबालिग रेप पीड़िता के बच्चों की परवरिश
मोहन सरकार ने अपराध पर लगाम लगाने के लिए अपराधियों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। वहीं रेप पीड़ितों के बच्चों की परवरिश लेने का भी निर्णय लिया है। सीएम ने फैसला लिया कि दुष्कर्म पीड़िताओं के बच्चों के पुनर्वास और कल्याण की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। इसके लिए हर जिले को दस-दस लाख रुपए दिए जा रहे हैं।
बदला महाकाल की शाही सवारी का नाम
उज्जैन में सालों पहले से निकल रही बाबा महाकाल की सवारी के आगे से शाही शब्द हटा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे नया नाम राजसी सवारी दिया। सीएम ने 2 सितंबर को कहा था, आज उज्जैन में बाबा महाकाल की आखिरी राजसी सवारी निकल रही है। बाबा का जनता से सीधा सरोकार है। उनकी कृपा सब पर बनी रहे। इस साल आदिवासी कलाकार शामिल किए गए और शासकीय बैंड शामिल किए गए।
श्रीराम वनगमन पथ
मध्यप्रदेश में भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास और इन्हें आपस में जोडने का निर्णय लेकर धार्मिक स्थलों का काम शुरू कराया। धार्मिक पर्यटन में यह मील का पत्थर साबित होगा। विश्व की पहली वैदिक घड़ी का शुभारंभ कराया। गीता भवन बना रहे।
सिक्सलेन और फोरलेन रोड
उज्जैन प्रदेश का एकमात्र शहर होगा, जिसके सभी पहुंच मार्ग फोरलेन होंगे। 1619 करोड़ से उज्जैन-इंदौर मार्ग को सिक्सलेन में तब्दील किया जा रहा है। 3500 करोड़ से पीथमपुर-उज्जैन, मसी-उज्जैन फोरलेन तो नागदा-जावरा ग्रीन फिल्ड हाइवे का निर्माण किया जा रहा है। शहर में 127 करोड़ से छह नई सडकें बन रही हैं।
मेडिसिटी-आयुर्वेद एम्स
उज्जैन में 592 करोड़ से मेडिकल कॉलेज के रूप में प्रदेश की पहली मेडिसिटी बनेगी। पिछले महीने भूमिपूजन। 550 बेड का अस्पताल होगा और 150 सीट का मेडिकल कॉलेज। यही नहीं अब उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स भी स्थापित होने जा रहा है।
लाल सलाम को अंतिम सलाम
किसी समय में लॉ एंड आॅर्डर बड़ी समस्या थी। 17-17 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी जाती थी। मंत्री तक की हत्या की गई। मोहन यादव के नेतृत्व और शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने तय समय सीमा से पहले ही एमपी से नक्सलवाद को समाप्त कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने भी आगे आकर बालाघाट में ड्यूटी के लिए पहल की इसकी वजह से हमने सफलता पाई है।
गौवंश के लिए भी काम
सरकार ने स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025 स्वीकृत की। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच एमओयू हुआ। गौ-वंश को मिलने वाली आहार राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए किया। साथ ही हर महीने गौशालाओं के खाते में 50 करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से भेजे जा रहे हैं।
आधुनिक नगर विकास
मोहन सरकार ने आधुनिक नगर विकास की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इनमें दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। पहला- इंदौर, उज्जैन देवास और धार है। दूसरा- भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और ब्यावरा है। साथ ही पीएम आवास योजना 2.0 के तहत 10 लाख आवास बन रहे हैं।
गांवों में किसान समृद्धि केंद्र
राज्य सरकार ने पंचायतों में किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना कर रही है। हर विकासखंड में मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के अंतर्गत 155 विधानसभा क्षेत्रों में ग्रामों का चयन हुआ है। साथ ही नक्सल प्रभावित जिलों में विकेंद्रीकृत कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई है।
सिंहस्थ में क्षिप्रा जल से स्नान
सिंहस्थ 2028 में क्षिप्रा जल से स्नान होगा। सीएम मोहन यादव ने ने 800 करोड़ रुपए की योजना बनाई है। साथ ही मां क्षिप्रा के शुद्धिकरण के लिए 599 करोड़ रुपए की लागत बनने वाले कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना का भूमिपूजन किया है।
पर्यटन को लगे पंख
पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को मिलाकर चीता कॉरिडोर बनेगा। कूनो के बाद गांधी सागर में चीतों को बसाया गया है। साथ ही रातापानी और और माधव नेशनल पार्क की स्थापना की गई। पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा और पीएमश्री वायु पर्यटन सेवा शुरू की गई। भोपाल के बड़े तालाब में शिकारा की शुरुआत की गई।
महिला सशक्तिकरण
लाड़ली बहना योजना की राशि 1,000 से बढ़ाकर 1,500 रुपए प्रतिमाह की गई। शासकीय सेवाओं में महिलाओं का आरक्षण 35 फीसदी किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की आॅनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। 57 वन स्टॉप सेंटर से लाखों महिलाओं को मदद मिली। 62 लाख से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं 5 लाख स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनीं।
मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक अभ्युदय
देश के हृदय, मध्यप्रदेश ने अपने 70वें स्थापना दिवस पर अभ्युदय मध्यप्रदेश के रूप में संस्कृति, परंपरा और प्रगति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। तीन दिनों तक चले इस भव्य आयोजन ने प्रदेश की लोककलाओं, विविधताओं और विकास यात्रा को एक सूत्र में पिरोते हुए बीते सात दशकों की गौरवगाथा को सजीव कर दिया। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से हमारी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी के सामने जीवंत किया गया है।
बदले गए मुस्लिम और उर्दू वाले नाम
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अब तक मुख्य रूप से 100 से ज्यादा गांवों/स्थानों के नाम बदलने का ऐलान किया है, जिनमें से अधिकांश मुस्लिम या उर्दू नामों वाले क्षेत्र हैं, विशेषकर देवास जिले में 54 नाम के अलावा, शाजापुर जिले के 11 और अन्य क्षेत्रों के नाम बदलकर हिंदी में किए गए। उज्जैन के 3 गांवों का नाम बदला। भोपाल के फंदा क्षेत्र का नाम बदला गया। गंजबासौदा और मुलताई को भी नया नाम मिला अलीराजपुर और कटनी जिले का भी नामकरण किया गया।
मध्यप्रदेश-गुजरात की मजबूत साझेदारी
मध्य प्रदेश, गुजरात का विकास में गठजोड़ भारत के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति को गति दे रहा है। दोनों राज्यों के बीच एक प्रमुख आर्थिक कड़ी है, जो दोनों राज्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गृहमंत्री शाह भी इस बात को खुले मंच से स्वीकार चुके हैं कि मध्य प्रदेश अब गुजरात की तर्ज पर औद्योगिक विकास कर रहा है, जिससे दोनों राज्यों के बीच साझेदारी मजबूत हो रही है। मध्यप्रदेश ने गुजरात जैसे राज्यों के साथ मिलकर औद्योगिक निवेश रोड शो और क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित किए हैं, जिससे रोजगार के द्वार खुले और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा मिल रहा है। गुजरात एक औद्योगिक हब और मध्यप्रदेश एक उभरते हुए केंद्र के रूप में मिलकर काम कर रहे हैं।
द्वारिका से खुलेंगे विकास के द्वार
मध्य प्रदेश में शहरीकरण को और मजबूत बनाने के लिए द्वारिका योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत शहरों में बुनियादी ढाचे का विस्तार और सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा। अगले 3 साल के लिए द्वारिका योजना में 5 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। द्वारिका योजना के तहत शहरों में आवस निर्माण, सड़कों की मरम्म
यशोदा से संवरेगी बच्चों की सेहत
मध्यप्रदेश सरकार की यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना कुपोषण को दूर करने और स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक वरदान के रूप में सामने आई है। राज्य के आठवीं कक्षा तक के 80 लाख विद्यार्थियों विद्यार्थियों को पोषण के लिए मुफ्त में दूध के टेट्रा पैक उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के लिए बजट में 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है।