अमेरिकी कंपनी गूगल ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। जिसमें दावा किया गया है कि करीब आधे एंड्रॉयड स्मार्टफोन उपभोक्ताओं पर मैलवेयर और स्पाईवेयर के खतरे में है। ये खतरा पुराने एंड्रॉयड ओएस वर्जन होने की वजह से है। ये जानकारी फॉर्ब्स ने दी है।
By: Arvind Mishra
Feb 06, 202610:57 AM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
अमेरिकी कंपनी गूगल ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। जिसमें दावा किया गया है कि करीब आधे एंड्रॉयड स्मार्टफोन उपभोक्ताओं पर मैलवेयर और स्पाईवेयर के खतरे में है। ये खतरा पुराने एंड्रॉयड ओएस वर्जन होने की वजह से है। ये जानकारी फॉर्ब्स ने दी है। रिपोर्ट में बताया है कि इस खतरे की वजह पुराना एंड्रॉयड ओएस वर्जन है। जो एंड्रॉयड 13 या उससे भी पुराने ओएस पर काम करते हैं। पुराने एंड्रॉयड ओएस को अब सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलता है, जिसकी वजह से उन पर सबसे ज्यादा खतरा है। ऐसे स्मार्टफोन उपभोक्ताओं की संख्या दुनियाभर में एक अरब से ज्यादा है।
सिर्फ 58 फीसदी सिक्योरिटी अपडेट
दुनियाभर में एंड्रॉयड 16 अभी सिर्फ 7.5 फीसदी डिवाइस में ही मौजूद है, जो दिसंबर तक का डेटा है। एंड्रॉयड 15 पर 19.3 परसेंट फोन काम करते ह। एंड्रॉयड 14 पर 17.9 परसेंट स्मार्टफोन काम करते हैं और एंड्रॉयड 13 पर 13.9 परसेंट स्मार्टफोन काम करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 58 फीसदी स्मार्टफोन ऐसे हैं, जो सिक्योरिटी सपोर्ट के अंदर आते हैं, जबकि 40 प्रतिशत स्मार्टफोन के लिए सिक्योरिटी अपडेट अवेलेबल नहीं है।
पुराना स्मार्टफोन वालों को सलाह
स्मार्टफोन उपभोक्ता को सलाह दी गई है कि जिनके मोबाइल पुराने ओएस पर काम करते हैं, उनको लेटेस्ट एंड्रॉयड ओएस के साथ अपडेट कर लेना चाहिए। साथ ही सिक्योरिटी सपोर्ट को रेगुलर अपडेट करते रहना चाहिए। पुराने आईफोन को समय रहते अपडेट मिल जाते हैं और कई पुराने एंड्रॉयड स्मार्टफोन में जरूरी सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिल पाते हैं। अगर कंपनी की तरफ से सपोर्ट बंद किया जा चुका है तो नया स्मार्टफोन खरीद लेना चाहिए।
कंपनियां 5 साल के लिए देती हैं सिक्योरिटी
स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर की तरफ से अपने हैंडसेट के लिए एक फिक्स टाइम तक सिक्योरिटी अपडेट दिया जाता है। आमतौर पर कंपनियां इसे 4 साल या 5 साल के लिए देती हैं। अब समसेंग और गूगल पिक्सल हैंडसेट में 7 साल से ज्यादा के लिए सिक्योरिटी अपडेट देने का ऐलान किया है।