मध्य प्रदेश के उमरिया में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। रिजर्व क्षेत्र के भीतर एक पुराने कुएं में वयस्क बाघ का शव मिला है। दो दिनों के भीतर यह दूसरी बार किसी बाघ की मौत की घटना सामने आई है। गौरतलब है कि देश में वर्ष 2025 के दौरान विभिन्न कारणों से 166 बाघों की मौत हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40 अधिक है।
By: Arvind Mishra
Jan 09, 20263:16 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के उमरिया में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। रिजर्व क्षेत्र के भीतर एक पुराने कुएं में वयस्क बाघ का शव मिला है। दो दिनों के भीतर यह दूसरी बार किसी बाघ की मौत की घटना सामने आई है। गौरतलब है कि देश में वर्ष 2025 के दौरान विभिन्न कारणों से 166 बाघों की मौत हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 40 अधिक है। एनटीसीए के ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई। आंकड़ों के अनुसार, देश का टाइगर स्टेट कहा जाने वाला मध्यप्रदेश बाघों की मौत के मामलों में पहले नंबर पर रहा, जहां वर्ष 2025 में 55 बाघ मृत पाए गए। वहीं नए साल-2026 में भी तीन बाघों की मौत हो चुकी है। इससे शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पशु विशेषज्ञ भी चिंता जाहिर कर रहे हैं। साथ ही यह भी कह रहे हैं कि आए दिन हो रही बाघों की मौत का सिलसिला नहीं थमा तो लोग एक दिन कहेंगे-मध्यप्रदेश में एक था टाइगर।
फिर बांधवगढ़ में बाघ की मौत
दरअसल, मध्यप्रदेश के उमरिया में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के भीतर एक पुराने कुएं से एक वयस्क बाघ का शव बरामद किया गया है। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि बीते दो दिनों के भीतर यह दूसरी घटना है, जिसमें टाइगर की मौत हुई है। इससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है।
देर शाम मिली प्रबंधन को सूचना
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार देर शाम धमोखर रेंज के अंतर्गत रायपुर के कुदरी टोला गांव के पास स्थित एक पुराने कुएं से तेज दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। पार्क प्रबंधन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच की गई तो कुएं के भीतर एक वयस्क बाघ का शव पाया गया। लोगों का कहना है कि बाघ की मौत करीब पांच से छह दिन पहले हो चुकी थी।
पीएम रिपोर्ट का इंतजार
इधर, धमोखर रेंज के रेंजर ध्रुव सिंह ने कहा-जहां बाघ का शव मिला, वह स्थान नजदीकी वन चौकी से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाके में डॉग स्क्वॉड की मदद से सर्च आपरेशन भी चलाया गया, ताकि किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या शिकार की आशंका को खंगाला जा सके। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने कहा कि बाघ की उम्र और मौत के सही कारणों का पता पीएम और पशु चिकित्सकों की जांच के बाद ही चल सकेगा।
बाघों की निगरानी पर सवाल
इससे एक दिन पहले रिजर्व के कथली बीट क्षेत्र में एक मादा शावक का शव भी मिला था, जिसकी मौत किसी जंगली जानवर से संघर्ष के बाद होने की आशंका जताई गई थी। लगातार दो दिनों में दो बाघों की मौत ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
आंकड़ों की जुबानी, बाघों के मौत की कहानी
वर्ष 2024 में देश में 126 बाघों की मौत हुई थी जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 166 हो गई। महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी वन मंडल में वर्ष 2025 में बाघ की पहली मौत दो जनवरी को दर्ज की गई, जहां एक वयस्क नर बाघ मृत पाया गया। इसके तीन दिन बाद मध्यप्रदेश के पेंच बाघ अभयारण्य में एक मादा बाघ की मौत हुई। हालिया मामला 28 दिसंबर को मध्यप्रदेश के सागर के उत्तर क्षेत्र से सामने आया, जहां एक वयस्क नर बाघ मृत पाया गया। बाघों पर लंबे समय से शोध कर रहे वन्यजीव विशेषज्ञ जयराम शुक्ला ने कहा कि देश में बाघों की आबादी संतृप्ति स्तर पर पहुंच रही है।