पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मामले में चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है। एसआईआर के काम में गड़बड़ी को लेकर सात अधकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13 सीसी के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है।
By: Arvind Mishra
Feb 16, 20269:57 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मामले में चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है। एसआईआर के काम में गड़बड़ी को लेकर सात अधकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13 सीसी के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है और सभी सात अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए हैं। दरअसल, पश्चिम बंगाल में एसआईआर के काम में लगे सात अधिकारियों को निलंबित किया गया है। राज्य के मुख्य सचिव को अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है। दोषी पाए गए सभी अफसर एसआईआर प्रक्रिया में सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
ममता सरकार के कर्मचारी
निलंबित किए गए सभी अधिकारी चुनाव आयोग के सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। बूथ स्तर के अधिकारी और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी आमतौर पर राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं, जिन्हें मतदाता सूची के अद्यतन और चुनाव प्रक्रिया में सहयोग के लिए आयोग में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है।
कार्रवाई की जानकारी भेजें
आयोग के आदेश का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उनके कैडर नियंत्रक प्राधिकरणों के माध्यम से बिना किसी देरी के अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही, इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग को उपलब्ध कराई जाए।
निलंबित अधिकारियों की सूची