चुनाव में वोट पाने के लिए जनता के पैरों में झुकने वाले नेता, अब जनता की तकलीफ पर सीना तानकर बोल रहे हैं। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सड़क बनवाने के लिए एक साल से संघर्ष कर रही लीला साहू के वायरल वीडियो पर भाजपा सांसद राजेश मिश्रा सलाह दे रहे हैं कि डिलीवरी डेट बता दो, उठवा कर अस्पताल में भर्ती करा देंगे।
By: Arvind Mishra
Jul 11, 20253:35 PM
चुनाव में वोट पाने के लिए जनता के पैरों में झुकने वाले नेता, अब जनता की तकलीफ पर सीना तानकर बोल रहे हैं। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सड़क बनवाने के लिए एक साल से संघर्ष कर रही लीला साहू के वायरल वीडियो पर भाजपा सांसद राजेश मिश्रा सलाह दे रहे हैं कि डिलीवरी डेट बता दो, उठवा कर अस्पताल में भर्ती करा देंगे। वहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि अगर सोशल मीडिया पर कोई कुछ भी पोस्ट कर देगा तो क्या हम वहां सड़क बना देंगे। हर चीज के नियम होते हैं। ऐसे तो हर कोई वीडियो बनाकर समस्या बताने लगेगा। दरअसल, सीधी जिले की गर्भवती महिला लीला साहू ने एक साल पहले वीडियो बनाकर अपने गांव तक सड़क बनवाने की मांग की थी। तब उन्हें आश्वासन मिला कि सड़क जल्द बन जाएगी। समय बीतता गया, लेकिन सड़क नहीं बनी तो एक बार फिर लीला सक्रिय हुईं। इस बार फिर वीडियो बनाकर नेताओं और प्रशासन को चेताया। उन्हें लगा कि संवेदनशील सांसद उनकी बात सुनेगे, लेकिन जवाब में जो कुछ मिला, इसका अंदाजा शायद किसी को ना होगा।
सीधी से सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से जब लीला साहू के वीडियो पर सवाल किया गया तो उनका जवाब था कि चिंता की क्या बात है। हमारे पास एंबुलेंस है, अस्पताल है, आशा कार्यकर्ता हैं, हम व्यवस्था करेंगे। डिलिवरी की एक संभावित तिथि होती है, तारीख बताएं तो हम एक हफ्ते पहले उठा लेंगे। अस्पताल में भर्ती करवा देंगे। सांसद ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को छाना है तो वीडियो बनाता रहे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
इतना ही सांसद ने कहा कि हम सड़क नहीं बनाते हैं, बल्कि सड़क तो इंजीनियर बनाते हैं। ठेकेदार बनाते हैं। सांसद ने अपना पल्ला झाड़ते हुए और दूसरों पर ठीकरा फोड़ते हुए यह भी कहा कि इस सड़क के लिए पिछले जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं। वह कहते हैं कि इसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है, उन लोगों ने इस सड़क के लिए क्या किया। यहां हास्या स्पद यह है कि सांसद शायद यह भूल गए की सीधी से पिछली बार भी भाजपा की ही रीति पाठक सांसद थीं।
इधर, लीला साहू ने सांसद पर हमला करते हुए कहा है कि मैंने उनकों अपना वोट दिया है। देश और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। इसके बावजूद भी हमारे गांव में अभी तक सड़क नहीं बन पाई है। इतनी अपील के बावजूद भी सरकार की तरफ से कोई भी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी इस सड़क को देखने नहीं आए हैं। इस गांव में 6 महिलाएं गर्भावस्था में हैं। अगर उनको एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली अगर कुछ भी हो सकता है। जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन पर होगी। मेरा प्रसव का समय आ रहा है। देखना है कि सांसद कितनी सुविधाएं मुहैया कराते हैं।