मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को कांग्रेस विधायकों ने बीन बजाकर प्रदर्शन किया। एक विधायक भैंस बने जबकि बाकी उनके आगे बीन बजाते दिखे। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि मध्यप्रदेश सरकार भैंस की तरह सोई हुई है। ओबीसी को 27 परसेंट आरक्षण नहीं मिल रहा। युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही।


भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को कांग्रेस विधायकों ने बीन बजाकर प्रदर्शन किया। एक विधायक भैंस बने जबकि बाकी उनके आगे बीन बजाते दिखे। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि मध्यप्रदेश सरकार भैंस की तरह सोई हुई है। ओबीसी को 27 परसेंट आरक्षण नहीं मिल रहा। युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही। हम सवाल लगाते हैं तो सरकार जवाब नहीं देती। ऐसे में हम उसे बीन बजाकर जगा रहे हैं।
इसके जवाब में हुजूर सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के इंटरनेशनल सपेरे कुछ दिन पहले राजधानी में आए थे। उन्होंने कहा था कि आस्तीन के सांप ढूंढना है। इन्हीं को ढूंढने के लिए बीन बजाई जा रही है। शर्मा ने कहा कि हमारी मध्यप्रदेश सरकार अपराधियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ती है। इन अपराधियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई सरकार करेगी कि उनकी तीन पीढ़ियां नहीं भूलेंगी। प्रश्नकाल के दौरान सदन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के विराध प्रदर्शन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ये आज नागपंचमी पर भैंस लेकर आए, कल गिरगिट लेकर आए थे। आप लोग चुने हुए प्रतिनिधि हैं, आपको मर्यादा बनाकर रखनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस के इस बयान पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष नाटक नौटंकी न करें, सदन की गंभीरता और गरिमा का ध्यान रखे। सीएम ने कहा- हमारे राज्य में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के मामले में कांग्रेस बिना तथ्य के कमजोरी के आधार पर लाचार नियमों के आधार पर बात कर रही है। अब उस बात के आधार पर झूठ बोलती है कि हमें 27 प्रतिशत आरक्षण दो। हम डंके की चोट पर कह रहे हैं कि 27 परसेंट आरक्षण देने वाले हैं और हमारे कई विभागों के अंदर जहां स्टे नहीं था, वहां 27 परसेंट आरक्षण दे दिया है, लेकिन जहां जो कोर्ट में मामला अटका पड़ा है तो उसके लिए कोर्ट में भी हम सरकार का पक्ष रख रहे हैं। हमने कहा जनरल कैटेगरी का 10 प्रतिशत हो एससी-एसटी ओबीसी सभी के लिए हमने हमारे मन में भाव बराबर है। हम किसी दायरे में सिमटना नहीं चाहते। सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए है इसीलिए जो 13 प्रतिशत ओबीसी का आरक्षण का मामला कोर्ट में भी लंबित है। हम जल्दी से जल्दी कोशिश करेंगे कि वह 13 फीसदी आरक्षण जिन्हें मिला है उन अभ्यार्थियों को हक के आधार पर नौकरी मिले और उनकी अपनी योग्यता के आधार पर उनका चयन हो।
सदन में हंगामे के बीची विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वाणिज्य कर विभाग से संबंधित पत्रों को पटल पर रखने का काम शुरू कर दिया। इस पर कांग्रेस विधायक भड़क गए और सदन से वॉक आउट कर दिया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2025-26 के पहले अनुपूरक बजट को सदन में रखा। जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस पर 30 जुलाई को चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री ने जातिगत जनगणना पर कहा- मैं कल के चरित्र के लिए कहना चाहता हूं कि कांग्रेस अलग-अलग समाज को भड़काने का काम करती है जबकि सारी चीजों में उनका ही इन्वॉल्वमेंट है। पिछड़ों की जनगणना को बंद करने का पाप कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू पर जाता है। बाद में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और उनके बाद लगातार हमारी अटल की सरकार को छोड़ दो तो लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रहीं लेकिन उन्हें जाति जनगणना नहीं कराई। जो जनगणना अंग्रेजों के समय चलती थी, वह भी बंद कर दी। 2011 में जनगणना की जोर-जोर से बात की लेकिन उसका रिकॉर्ड आज तक सामने नहीं लाए। प्रधानमंत्री मोदी ने खुलेआम कहा है कि हम जाति जनगणना करेंगे और समय सीमा में उसके आंकड़े जनता के सामने लाएंगे।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को बाघ दिवस की बधाई देते हुए कहा– पूरी दुनिया में जितने बाघ हैं, उसमें आधे से अधिक अपने देश के अंदर हैं। देश में सबसे ज्यादा बाघों का गौरव मध्यप्रदेश को है। हमारी सरकार बनने के बाद दो टाइगर रिजर्व डॉक्टर विष्णु श्रीधर वाकणकर रातापानी और माधव नेशनल पार्क बनाए गए। हम अपने टाइगर रिजर्व के बफर जोन में भी टाइगर सफारी भी प्रारंभ करेंगे। भारत के बाघों को कंबोडिया में विस्थापित किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा– हमने बाघों को संरक्षित करके गौरव हासिल किया है।
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- यहां केवल आश्वासन देकर घोषणाएं की जा रही हैं। यदि इन्हें पुरस्कार दिया जाए आश्वासन और घोषणाओं में, तो पहला पुरस्कार मिलेगा। आज की ही बात है, हर चीज में आश्वासन दिए जा रहे हैं। अगर किसी ने यह सवाल पूछा कि कितनी घोषणाएं शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव ने की हैं तो उसका कोई हिसाब किताब नहीं है। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कमलनाथ ने कहा- यह आज न्याय का प्रश्न है। यह ओबीसी का प्रश्न नहीं है। मैं मानता हूं कि यह सामाजिक न्याय का प्रश्न है। इस पर कांग्रेस अपनी आवाज उठाती रहेगी। ओबीसी आरक्षण का आधा अधूरा कानून लाने वाले मुख्यमंत्री के बयान पर कमलनाथ ने कहा- मैंने जो किया था, वह कोई छिपकर नहीं किया था, यह मामला तो आज पब्लिक में है।
मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने जनप्रतिनिधियों पर हमले के मामलों में कार्रवाई नहीं होने की बात कही। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वाणिज्य कर विभाग से संबंधित पत्रों को पटल पर रखने का काम शुरू कर दिया। इस पर कांग्रेस विधायक भड़क गए और सदन से वॉक आउट कर दिया।
विधायक छाया मोरे ने जबलपुर से दूरी का हवाला देते हुए खंडवा को इंदौर हाईकोर्ट से जोड़ने की बात कही। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में इसका समर्थन किया। कहा कि खंडवा को इंदौर हाईकोर्ट से जोड़ा जाएगा तो लोगों को आसानी होगी। कमलनाथ ने भी इस मांग का समर्थन किया। वे बोले- मंत्री ने इस मामले में लंबी कार्यवाही बताई है। सीएम मोहन यादव को मामले में संज्ञान लेना चाहिए।
सदन की कार्यवाही के दौरान विधायक अनुभा मुंजारे ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के कैलेंडर वितरण नहीं होने का आरोप लगाया। मुंजारे ने कहा- 1 लाख 64 हजार कैलेंडर नहीं बांटे गए हैं। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने माना कि कुछ जगह कैलेंडर नहीं बंट पाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में कार्रवाई की गई है।
भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने बुरहानपुर की सहकारी सूत मिल के श्रमिकों के भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के भुगतान की समय सीमा तय होनी चाहिए। इस पर मंत्री चैतन्य कश्यप ने जवाब दिया कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में समिति बनाई गई है। श्रमिकों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। इस पर विधायक चिटनीस ने सदन में बताया कि दो पीढ़ियों से भुगतान का इंतजार किया जा रहा है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारी सरकार श्रमिकों की समर्थक सरकार है।
कांग्रेस के प्रदर्शन पर कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को कमलनाथ सरकार के समय बीन बजानी थी। उस समय न तो मंत्रियों की सुनवाई होती थी और न ही विधायकों की। इसी वजह से कांग्रेस विधायक, भाजपा के साथ आ गए थे। यदि कांग्रेस के मित्र कमलनाथ सरकार में बीन बजाते तो शायद कुछ फायदा होता।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि सरकार सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। वन भूमि से आदिवासियों को जबरन बेदखल किया जा रहा है। किसान, युवा और महिलाएं तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार केवल अपनी ब्रांडिंग में व्यस्त है। बजट में युवाओं की नौकरी, किसानों को खाद, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का प्रावधान होना चाहिए, लेकिन बजट में केवल मलाईदार विभागों को प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा, शिवराज सिंह चले गए, लेकिन सड़कें आज भी वैसी ही बदहाल हैं।
भैंस के गेटअप में विधानसभा के मानसून सत्र में शामिल होने पहुंचे पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्री भैंस की तरह बेशर्म है। सरकार भैंस की तरह सिर्फ खा रही है। सभी योजनाओं को डकार रही है। जनता परेशान है, किसान की फसल चौपट हो गई, गरीबों के मकान गिर गए...इस पर सरकार कुछ नहीं बोलती है।

इधर, कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने भोपाल में ड्रग्स और रेप के मामले पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ड्रग्स का मामला पहली बार सामने आया था, तब उपमुख्यमंत्री से जुड़े लोगों का नाम उछला था। अब दूसरा केस आने पर मंत्री विश्वास सारंग के साथ ड्रग माफिया की फोटो सामने आ रही हैं। स्पष्ट है कि ड्रग माफियाओं को भाजपा नेता और मंत्रियों का संरक्षण है।
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष क्रमांक-एक में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। जिसमें चार विधेयकों को मंजूरी दी गई। इन विधेयकों को इसी सत्र में पेश किया जाना है। इसके साथ ही सरकार ने बाबई मोहासा में उद्योग के लिए आरक्षित जमीन में छूट देने का भी फैसला किया है। कैबिनेट की बैठक वंदे मातरम गान के साथ प्रारंभ हुई। इसके बाद जन विश्वास संशोधन विधेयक 2025, माध्यमस्थ अधिकरण संशोधन विधेयक, दुकान स्थापना अधिनियम संशोधन विधेयक, कारखाना अधिनियम संशोधन विधेयक पर चर्चा की गई। चर्चा के बाद सभी विधेयकों को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट बैठक में विक्रमपुरी इंडस्ट्रियल एरिया में गांवों की भूमि का भू-अर्जन करने को लेकर भी चर्चा हुई है और इसे मंजूरी दी गई है।


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