मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में आम आदमी पार्टी के युवा नेता अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात हिंसक झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के दौरान पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया।
By: Arvind Mishra
Feb 11, 202610:24 AM

छतरपुर। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में आम आदमी पार्टी के युवा नेता अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात हिंसक झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के दौरान पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। दरअसल, देर रात केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने एसडीएम के ऑफिस पर पथराव कर दिया। कुछ ग्रामीणों की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे। इस पर वे देर रात एसडीएम ऑफिस पहुंचे और उसे घेर लिया, इसके बाद पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए वाटर कैनन चलाई और हल्का बल प्रयोग किया।

पांच दिनों से दे रहे धरना
केन वेतबा लिंक परियोजना के विस्थापित होने वाले ग्रामीण निर्माण क्षेत्र में बीते 5 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें सही मुआवजा नहीं दिया जा रहा है उनको घर बनाकर नहीं दिए जा रहे हैं। धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों में शामिल नेतृत्व करने वाले अमित भटनागर को जब धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया तो मौजूद लोग भड़क गए और देर रात बिजावर तहसील का घेराव कर पथराव कर दिया।
एसडीएम को भी घेर लिया था
जैसे ही बिजावर तहसील में रात ग्रामीण पहुंचे तभी वहां एसडीएम आ गए और सभी लोगों ने एसडीएम को भी घेर लिया था। तभी वहां मौजूद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। जहां अमित भटनागर की रिहाई को लेकर हंगामा चलता रहा। इधर, प्रशासन के अधिकारियों का कहना है किसी की भी रिहाई हो कानून के तहत ही होगी किसी के दबाव में आकर रिहाई नहीं कराई जाएगी।
मुआवजा राशि खातों में नहीं पहुंची
गौरतलब है कि ढोडन बांध क्षेत्र से विस्तापित तीन गांव के लोग निर्माण कार्य रोक रहे है। गांव वालों आरोप है कि एसडीएम बिजावर ने ढोडन, पलकोंहा, खरयानी के विस्तापितों को 10 जनवरी 26 तक मुआवजा राशि खातों मे पहुंचाने को कहा था लेकिन अभी तक नहीं डाली गई।