एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि भोज वेटलैंड क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और गंदे पानी का प्रवाह जारी है। यह न केवल पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी की भी अनदेखी है। पीठ ने कहा कि 7 अक्टूबर को दिए गए आदेश के बाद भी अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

एनजीटी की भोपाल स्थित केंद्रीय पीठ।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
यदि कानून लागू करने वाले ही कानून तोड़ेंगे, तो कानून की रक्षा कौन करेगा। नगर निगम एक माह के भीतर कार्यवाही प्रतिवेदन पेश करे। साथ ही, राज्य वेटलैंड प्राधिकरण और वन विभाग के सहयोग से भोज वेटलैंड की पारिस्थितिक स्थिति का आकलन और शीतकालीन पक्षी गणना कराई जाए। ताकि झील की स्थिति की निगरानी की जा सके। यह सख्त टिप्पणी एनजीटी ने प्रशासनिक लापरवाही उजागर होने के बाद केस की सुनवाई के दौरान की है। दरअसल, एनजीटी की भोपाल स्थित केंद्रीय पीठ ने भोज वेटलैंड (भोपाल वेटलैंड) के संरक्षण नियमों में लापरवाही बरतने पर भोपाल नगर निगम और कलेक्टर को कड़ी फटकार लगाई है। यह झील अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट है और पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र मानी जाती है। यह मामला पर्यावरण कार्यकर्ता राशिद नूर खान द्वारा दायर किया गया था, जिनकी ओर से वकील हर्षवर्धन तिवारी ने पक्ष रखा।
अवैध कब्जे और निर्माण हटाएं
सुनवाई न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने की। अधिकरण ने भोपाल कलेक्टर को आदेश दिया कि वे इस पूरी कार्रवाई की व्यक्तिगत निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि झील क्षेत्र से सभी अवैध कब्जे और निर्माण हटाए जाएं। यह मामला अब 17 दिसंबर 2025 को अगली सुनवाई के लिए तय किया गया है। तब तक नगर निगम और कलेक्टर को अपनी अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
गंदे पानी से बिगड़ रहा पर्यावरण
एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि भोज वेटलैंड क्षेत्र में अवैध निर्माण, अतिक्रमण और गंदे पानी का प्रवाह जारी है। यह न केवल पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी की भी अनदेखी है। पीठ ने कहा कि 7 अक्टूबर को दिए गए आदेश के बाद भी अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नगर निगम ने बताया कि 38 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन आगे की कार्रवाई अभी बाकी है। इस पर एनजीटी ने नाराजगी जताई।
निरीक्षण और कार्रवाई के आदेश
एनजीटी ने निर्देश दिया कि भोपाल नगर निगम और याचिकाकर्ता मिलकर संयुक्त निरीक्षण करें। झील के आसपास सभी अवैध निर्माणों की पहचान करें। साथ ही, अतिक्रमणकारियों और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। पीठ ने याद दिलाया कि राज्य सरकार की अधिसूचना (16 मार्च 2022) के अनुसार झील की सीमाएं और बफर जोन तय हैं। झील का क्षेत्रफल 3946.33 हेक्टेयर, जिसमें ऊपरी झील 3872.43 और निचली झील 73.90 हेक्टेयर है। शहरी क्षेत्र की ओर 50 मीटर, ग्रामीण क्षेत्र की ओर 250 मीटर बफर जोन तय है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी सोमवार को निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का अटल बिहारी वाजपेई सुशासन संस्थान में दीप-प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पदाधिकारियों को उनके प्रशासनिक दायित्वों, वित्तीय प्रबंधन और शासन की नीतियों के प्रति मार्गदर्शन प्रदान करना था।
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के पीपलरावा थाना क्षेत्र में बैराखेड़ी गांव के समीप प्याज से भरा एक मिनी ट्रक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के ऊपर सो रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के रतलाम में आज भीषण टेन हादसा हो गया। राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। दरअसल, दिल्ली निजामुद्दीन की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
दमोह (तेंदूखेड़ा) के आईईएस पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की कथित मारपीट के शिकार 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल एम्स में मौत। परिजनों ने शव के साथ एसपी ऑफिस घेरा, SIT करेगी जांच।