प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नए पीएम आफिस सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने जा रहे हैं। इस तरह से देश का पॉवर सेंटर बदल जाएगा। इसके लिए दोपहर 1:30 बजे का समय तय है, जब पीएम मोदी सेवा तीर्थ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के नाम का अनावरण करेंगे। इसके बाद वह शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे।
By: Arvind Mishra
Feb 13, 202610:18 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नए पीएम आफिस सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने जा रहे हैं। इस तरह से देश का पॉवर सेंटर बदल जाएगा। इसके लिए दोपहर 1:30 बजे का समय तय है, जब पीएम मोदी सेवा तीर्थ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के नाम का अनावरण करेंगे। इसके बाद वह शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे। इस तरह बीते 9 दशक साल से देश का सत्ता का केंद्र रहे सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक ऐतिहासिक इमारत बन जाएंगे। आज यानी शुक्रवार को यहां से कामकाज का आखिरी दिन होगा। दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय का पता आज से बदलने जा रहा है। यह परिसर दारा शिकोह रोड पर बनाया गया है, जो कि 2.26 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है। प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ ही इस परिसर में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी है, जिससे यहां प्रधानमंत्री के लिए केबिनेट मीटिंग लेना भी आसान हो जाएगा। यह सभी भवन पहले अलग-अलग जगह बने हुए थे।
सेवा तीर्थ बनाने में आया इतना खर्च
प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ में शिफ्ट करने का उद्देश्य पीएम के मूवमेंट को आसान बनाना है। इससे आम लोगों को भी ट्रैफिक से भी राहत मिलेगी। यह परिसर विजय चौक के पास बनाया गया है। नए प्रधानमंत्री कार्यालय में तीन मुख्य इमारतें हैं। इस सेवा तीर्थ को बनाने में 1,189 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
सेवा तीर्थ पर एक नजर
सेवा तीर्थ 1, जो कि भारत के पीएम का आॅफिस है। सेवा तीर्थ 2, कैबिनेट सचिवालय है। सेवा तीर्थ 3, यहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के कार्यालय हैं।
सेवा तीर्थ की खूबियां
सेवा तीर्थ पूरी तरह हाईटेक सुविधाओं से लैस है। यहां हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा है। पेपरलेस वर्क कल्चर के लिए डिजिटल आर्काइव्स हैं और तकनीकी सुविधाओं से लैस कॉन्फ्रेंस रूम भी बनाए गए हैं। सेवा तीर्थ में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, मॉनिटरिंग नेटवर्क और एडवांस्ड एनर्जी रिस्पॉन्स इंफ्रास्ट्रक्?चर दिया गया है, जिससे प्रधानमंत्री से मिलना लोगों के लिए आसान बनाया जा सके। इससे अधिकारियों और आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित एवं सुगम वातावरण सुनिश्चित होगा।
80-90 सालों से सत्ता का केंद्र
साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में आज कैबिनेट की आखिरी और ऐतिहासिक बैठक होगी। यह परिसर 80-90सालों से सत्ता का केंद्र रहा है। इस आखिरी बैठक के बाद पीएमओ नए परिसर सेवा तीर्थ में शिफ्ट कर दिया जाएगा। साउथ ब्लॉक के प्रधानमंत्री कार्यालय में कैबिनेट की पहली बैठक 15 अगस्त, साल 1947 में हुई थी, तब इस बैठक की अध्यक्षता भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। आज 13 फरवरी 2026 को इस भवन में आखिरी कैबिनेट बैठक होने जा रही है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।