By: Arvind Mishra
Feb 22, 20269:18 AM

इस्लामाबाद। स्टार समाचार वेब
पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। सरकार के मुताबिक यह इंटेलिजेंस आधारित, चयनित आपरेशन था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन टीटीपी और उसके सहयोगी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में मरने वाले लोगों का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। वहीं बेहसूद जिले में एक घर पर हमले में 19 लोगों की मौत का दावा है। दरअसल, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से सटे इलाकों में एयरस्ट्राइक कर क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। इस्लामाबाद का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान विरोधी आतंकी समूहों, खासतौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों को निशाना बनाकर की गई। दावों के मुताबिक हमले पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के खोगयानी, गनी खिल और बेहसूद जिलों में हुए।
बच्चों को भी नहीं छोड़ा
बेहसूद जिले में एक रिहायशी इलाके में बमबारी में एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि घर में 21 लोग मौजूद थे, जिनमें दो अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में 80 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर एक साल का बच्चा तक शामिल है। घायलों में 20 वर्षीय रियाजुल्लाह का नाम सामने आया है।
हमले का जल्द लेंगे बदला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक मदरसे को भी निशाना बनाया गया। अफगान अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस हमले का बहुत जल्द बदला लिया जाएगा। नंगरहार प्रांत की पुलिस ने बताया कि एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे। अभी तक सिर्फ चार लोगों को ही बाहर निकाला जा सका है, और मौके पर रेस्क्यू आपरेशन अभी भी जारी है।
तीन हमलों के जवाब में स्ट्राइक
पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर सात कैंपों और ठिकानों पर कार्रवाई की गई। मंत्रालय के मुताबिक ये ठिकाने टीटीपी और उसके सहयोगियों के अलावा इस्लामिक स्टेट से जुड़े थे। यह भी कहा गया कि रमजान की शुरुआत से अब तक पाकिस्तान में हुए तीन बड़े हमलों के जवाब में ये स्ट्राइक की गईं।
मस्जिद में हुआ था आत्मघाती
दो हफ्ते पहले इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें कम से कम 31 लोगों की मौत और 160 से अधिक घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी। इसे 2008 के मैरियट होटल बम धमाके के बाद राजधानी पर सबसे घातक हमला माना गया।
बढ़ता सीमा तनाव
2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। अक्तूबर में सीमा पर झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम तो कायम है, लेकिन स्थायी समझौता अब तक नहीं हो सका है।