कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारत ने मुक्केबाजी और ट्रिपल जंप में ऐतिहासिक पदक जीते। जैस्मिन लंबोरिया और प्रीति पवार ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अस्मिता डे ने गेम्स के इतिहास में जूडो में देश को पहला गोल्ड दिलाया। इसके बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीता। वहीं देर रात देश के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता।
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ़्टर लवप्रीत सिंह ने 110+ किग्रा भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीता। जानिए उनके संघर्ष, रिकॉर्ड और अब तक के सफर की पूरी कहानी।
जब किस्मत और मेहनत साथ हो तो फिर बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही भारत की डिस्कस थ्रोअर महिला खिलाड़ी सीमा कालीरमन के साथ हुआ है। सीमा ने ग्लास्गो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सीमा ने 58.65 मीटर का अपना बेस्ट थ्रो फेंका और मेडल जीता।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में 122 भारतीय एथलीट मेडल जीतने के इरादे से उतरे हैं। भारत 8 सामान्य खेलों में पदक की चुनौती पेश कर रहा है। इतना ही नहीं, भारतीय खिलाड़ी 5 पैरा स्पर्धाओं में भी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा तैराकी, पैरा ट्रैक साइकिलिंग और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं।
भारत की शर्मिला धनकड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के पैरा शॉट पुट एफ 57 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर यह उपलब्धि हासिल की। यह मौजूदा खेलों में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। इसी इवेंट में भारत की शिल्पा के. शायला ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार 25 से 27 जनवरी तक लोकभवन आमजन के लिए खोला जा रहा है। इन तीनों दिन नागरिक लोकभवन की ऐतिहासिकता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं विशेष सजावट को करीब से देख सकेंगे। केंद्रीय संचार ब्यूरो और मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा राजभवन से लोकभवन विषय पर आधारित प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी।





















