पटना और दानापुर सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। आज यानी बुधवार को सुबह अज्ञात मेल के जरिए धमकी की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया। पुलिस ने कोर्ट परिसर को बंद कर दिया है।
By: Arvind Mishra
Feb 11, 202611:37 AM

पटना। स्टार समाचार वेब
पटना और दानापुर सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। आज यानी बुधवार को सुबह अज्ञात मेल के जरिए धमकी की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया। पुलिस ने कोर्ट परिसर को बंद कर दिया है और किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। दरअसल, पटना सिविल कोर्ट को सुबह एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया, क्योंकि धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी। अदालती कार्यवाही रोक दी गई और सुरक्षा कारणों से किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देर रात एक बजे जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आंफिस के मेल पर आरडीएक्स प्लांट किए जाने की बात लिखी है। कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। मौके पर पुलिस और बम निरोधक दस्ता भी पहुंचकर जांच में जुट गया।
डॉग यूनिट ने भी संभाला मोर्चा
धमकी की भनक लगते ही पीरबहोर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को भी जांच में लगाया गया, जो हर कमरे, गलियारे और पार्किंग क्षेत्र की बारीकी से जांच में जुट गए, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
छठी बार धमकी, सुरक्षा पर सवाल
यह छठी बार है जब पटना सिविल कोर्ट को इस तरह की धमकी मिली है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अब तक किसी भी धमकी के बाद विस्फोटक सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और हर बार की तरह इस बार भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
साइबर जांच में जुटी एजेंसियां
धमकी ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है। आईपी एड्रेस सहित डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर बार-बार इस तरह की धमकी कौन और किस मकसद से भेज रहा है। कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच पूरी होने तक स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।