बजट सत्र 2026 में राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स का जिक्र कर हरदीप पुरी और अनिल अंबानी पर निशाना साधा। जानें हरदीप पुरी ने इन आरोपों पर क्या सफाई दी और 2009 की मुलाकात का क्या सच बताया।
By: Ajay Tiwari
Feb 11, 20267:01 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा 'एपस्टीन फाइल्स' का मुद्दा उठाए जाने के बाद संसद से सड़क तक सियासी घमासान छिड़ गया है। राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें 'बेबुनियाद' करार दिया है।
राहुल गांधी के गंभीर आरोप
सदन में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सीधे तौर पर बिजनेसमैन अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम एपस्टीन फाइल्स से जोड़ा। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अनिल अंबानी जेल क्यों नहीं गए, जबकि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। उन्होंने सदन में पूछा कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था, और दावा किया कि हरदीप पुरी इस राज को जानते हैं। सदन के बाहर राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास मौजूद फाइलों में हरदीप पुरी और अनिल अंबानी दोनों के नाम दर्ज हैं।
हरदीप सिंह पुरी का पलटवार-सफाई
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बिना सोचे-समझे आरोप लगाने की आदत है। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की। पुरी ने स्वीकार किया कि वह जेफरी एपस्टीन से मिले थे, लेकिन यह मुलाकात 2009 में हुई थी जब वे अमेरिका में राजदूत थे। यह एक 'इंटरनेशनल पीस इंस्टिट्यूट' के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि उस दौरान की करीब 3 मिलियन ईमेल और 3-4 मुलाकातों का पूरा विवरण सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।
राहुल गांधी को लिया आड़े हाथ
पुरी ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 'युवा नेता' को पता होना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गंभीर आपराधिक मामलों और बाल यौन शोषण जैसे जघन्य आरोपों से संबंधित हैं, जिनका उनकी बातचीत से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने बताया कि 2014 में एक आम नागरिक के तौर पर उन्होंने लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन को भारत आने का निमंत्रण दिया था ताकि वे देश में हो रहे बदलावों को देख सकें।
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