सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर को देशव्यापी अधिसूचित बीमारी घोषित करने की मांग से जुड़ी जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में कैंसर प्रबंधन से जुड़ी गंभीर खामियों को गंभीरता से लेते हुए जवाब तलब किया है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने दायर याचिका पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को औपचारिक नोटिस जारी किया है।
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर को देशव्यापी अधिसूचित बीमारी घोषित करने की मांग से जुड़ी जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में कैंसर प्रबंधन से जुड़ी गंभीर खामियों को गंभीरता से लेते हुए जवाब तलब किया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने एम्स के सेवानिवृत्त कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अनुराग श्रीवास्तव द्वारा दायर याचिका पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को औपचारिक नोटिस जारी किया है।
सिर्फ 17 राज्य ही आए आगे
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील गौरव कुमार बंसल ने कोर्ट को बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें अब तक पूरे देश में कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित करने में विफल रही हैं। वर्तमान में देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से केवल 17 ने ही अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य कानूनों के तहत कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित किया है।
जनता लाभ से हो रही वंचित
याचिका में कहा गया है कि इस असमान व्यवस्था ने देश में एक खतरनाक पैचवर्क सिस्टम बना दिया है। इसके चलते भारत की अधिकांश आबादी अनिवार्य कैंसर रिपोर्टिंग के लाभों से वंचित है। यह रिपोर्टिंग प्रभावी रोग निगरानी, प्रारंभिक पहचान और डेटा आधारित नीति निर्माण की बुनियाद मानी जाती है।
कैंसर सर्विलांस से बाहर 90 फीसदी आबादी
कोर्ट के समक्ष यह भी बताया गया कि भारत का राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम गंभीर अंडर-रिपोर्टिंग की समस्या से जूझ रहा है। याचिका के मुताबिक मौजूदा कैंसर रजिस्ट्रियां भारतीय आबादी के सिर्फ करीब 10 फीसदी हिस्से को ही कवर करती है। इसका मतलब यह है कि देश की 90 प्रतिशत आबादी किसी भी व्यवस्थित और नियमित कैंसर डेटा संग्रह प्रणाली से बाहर है।
डेटा ब्लैकहोल से नीति निर्माण प्रभावित
याचिका में इस स्थिति को एक गंभीर डेटा ब्लैकहोल बताया गया है। अनिवार्य रिपोर्टिंग के अभाव में देश में कैंसर के वास्तविक बोझ को कम करके आंका जा रहा है। इसके चलते नीति नियोजन में गलतियां हो रही हैं, सीमित संसाधनों का सही तरीके से आवंटन नहीं हो पा रहा है और जीवन रक्षक स्क्रीनिंग व प्रारंभिक पहचान कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने, उनकी निगरानी करने और मूल्यांकन करने में असमर्थता बनी हुई है।
गलत सूचनाओं से बढ़ रहा खतरा
याचिका में कैंसर के इलाज को लेकर फैल रही खतरनाक गलत सूचनाओं पर भी गंभीर चिंता जताई गई है। इसमें गौमूत्र जैसे अवैज्ञानिक उपचारों को कैंसर के इलाज के रूप में प्रचारित किए जाने का जिक्र किया गया है। आरटीआई के जरिए सरकार के राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ से प्राप्त आधिकारिक जवाब का हवाला देते हुए याचिका में बताया गया कि ऐसे किसी भी दावे का समर्थन करने वाला कोई वैज्ञानिक शोध मौजूद नहीं है। अनिवार्य अधिसूचना प्रणाली की कमी के कारण इस तरह की गलत सूचनाओं से प्रभावित मरीजों का सही रिकॉर्ड भी नहीं बन पाता।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण ईरान के नियंत्रण में आए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की मांग भारत ने मजबूती से रखी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ब्रिटेन द्वारा आयोजित एक बहुपक्षीय बैठक में कहा कि भारत इस संघर्ष में जलमार्ग पर अपने नागरिकों को खोने वाला एकमात्र देश है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला सामने आया है। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
इंडोनेशिया के उत्तरी मोलुक्का प्रांत में गुरुवार को भूकंप के भीषण झटके महसूस किए गए। यूएसजीसी के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई है। भूकंप का केंद्र टेरनाटे क्षेत्र के पास उत्तरी मोलुक्का सागर में था। जमीन से केवल 10 किलोमीटर नीचे, जिससे झटके अधिक विनाशकारी महसूस हुए।
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी- नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने अगले कुछ वर्षों में चांद पर एक स्थायी बेस स्थापित करने की योजना रखी है। बीते हफ्ते ही एजेंसी ने अगले एक दशक के चांद से जुड़े मिशन्स का रोड मैप सामने रखा था।
कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर एक विशेष उड़ान से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे। मिडल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से विमान सेवाओं में आए व्यवधान के चलते इन शवों को भारत लाने में काफी देरी हुई।
भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना का पहला चरण आज यानी एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। यह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा जनगणना अभियान होगा, जो पहली बार पूरी तरह से डिजिटल माध्यमों से संचालित किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। अरहामा इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच कई घंटों से मुठभेड़ होने की सूचना है। इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया है।
आज यानी एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकार ने बड़ा झटका दिया है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 218 रुपए तक महंगा हो गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने इसके दाम अचानक बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा अब रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल कर पाएंगे।
01 अप्रैल 2026 का राशिफल। जानें अपनी राशि के अनुसार करियर, स्वास्थ्य और प्रेम जीवन का हाल। क्या कहते हैं आपके सितारे?
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को सर गंगा राम अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। सिस्टेमिक इन्फेक्शन के इलाज के बाद वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।