ट्रंप प्रशासन की तरफ से टैरिफ वॉर के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका को परोक्ष रूप से संदेश दिया है। साथ ही चीन के साथ बढ़ती नजदीकियों पर भी स्थिति साफ कर दी। राजनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा-अंतरारष्ट्रीय संबंधों में कोई स्थायी मित्र या स्थायी दुश्मन नहीं होता।
By: Arvind Mishra
Aug 30, 202517 hours ago
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
ट्रंप प्रशासन की तरफ से टैरिफ वॉर के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका को परोक्ष रूप से संदेश दिया है। साथ ही चीन के साथ बढ़ती नजदीकियों पर भी स्थिति साफ कर दी। राजनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा-अंतरारष्ट्रीय संबंधों में कोई स्थायी मित्र या स्थायी दुश्मन नहीं होता। अपना हित सर्वोपरि होता है। ऐसे में हमारी किसी भी देश से दुश्मनी नहीं हैं। भारतीय नागरिकों का हित मोदी सरकार के लिए सर्वोपरि है। दरअसल, भारत पर ट्रंप द्वारा थोपे जा रहे टैरिफ और रूस से कच्चा तेल न खरीदने के लिए बन रहे दबाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिका को स्पष्ट शब्दों में जवाब दे दिया है। राजनाथ ने कहा- भारत के लिए अपने किसानों और अपने उद्यमियों का हित ही सबसे महत्वपूर्ण है। हम किसी भी कीमत पर अपने देश के कल्याण से समझौता नहीं कर सकते। चाहे कितना भी दबाव डाला जाए, भारत अपने किसानों, छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, पशुपालकों और आम नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा। हम सब भू-विज्ञान में पढ़ते हैं कि जितना दबाव पड़ता है, उतनी ही चट्टान मजबूत होती जाती है। मुझे लगता है कि भारत पर जितना दबाव डाला जाएगा, भारत उतने ही मजबूत चट्टान के रूप में निखरकर सामने आएगा।
राजनाथ सिंह, एक चैनल के निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कई अहम टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया इतनी तेजी से बदल है कि हर दिन हमारे सामने नई चुनौतियां आकर खड़ी हो जाती हैं। आत्मनिर्भरता को पहले केवल विशेषाधिकार के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज यह अस्तित्व बनाए रखने और प्रगति के लिए शर्त है। आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था और हमारी सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।
आपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कह कि कुछ दिनों का यह युद्ध भले ही भारत की जीत और पाकिस्तान की हार बयां करता हो, लेकिन इसके पीछे वर्षों की रणनीतिक तैयारी छिपी है। हमारी सेनाओं ने भी कई वर्षों की तैयारी और कड़ी मेहनत और स्वदेशी इक्विपमेंट्स के सात चुने हुए टारगेट पर प्रभावी कार्रवाई की।