शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोर रुख दिखा दिया। बाद में सेंसेक्स और निफ्टी में भी तेजी लौट आई। ऐसे ही शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे बढ़कर 87.68 पर पहुंच गया। दरअसल, अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर अनिश्चितता के बावजूद इस हफ्ते होने वाली यूएस-रूस वार्ता को लेकर अभी एक उम्मीद बनी हुई है।

शेयर बाजार ने गिरकर की वापसी।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोर रुख दिखा दिया। बाद में सेंसेक्स और निफ्टी में भी तेजी लौट आई। ऐसे ही शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे बढ़कर 87.68 पर पहुंच गया। दरअसल, अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर अनिश्चितता के बावजूद इस हफ्ते होने वाली यूएस-रूस वार्ता को लेकर अभी एक उम्मीद बनी हुई है। इस बीच हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, जहां सेंसेक्स 170 अंक टूटा और सुबह करीब 9:15 बजे कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 24,550 के नीचे खुला, लेकिन, कुछ ही देर बाद बाजार जोरदार वापसी करते हुए बीएसई पर 30 अंकों वाला सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा ऊपर चढ़ गया। इसके साथ ही, एनएसई पर निफ्टी 50 भी 24600 के पार चला गया।

दूसरी तरफ, आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में कमजोरी देखने को मिली, जो हाल ही में सेविंग्स अकाउंट पर न्यूनतम बैलेंस 50,000 रुपए करने की घोषणा के बाद आई है। वहीं, यात्रा आनलाइन का शेयर लगभग 15 प्रतिशत चढ़ा।
किसे फायदा-किसे नुकसान
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, लार्सन एंड टुब्रो और टाटा स्टील सबसे ज्यादा फायदे में दिखीं। हालांकि, इटरनल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक पिछड़ते नजर आए। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,202.65 करोड़ के शेयर बेचे।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में तेजी और 12 में गिरावट है। एमएंडएम, टीसीएस और बजाज फाइनेंस के शेयर चढ़े हैं। आईसीआईसीआई बैंक, बीईएल और एचडीएफसी बैंक में गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से 30 में तेजी और 20 में गिरावट है। एनएसई के प्राइवेट बैंकिंग, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में गिरावट है। मीडिया, आईटी, आॅटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों में तेजी है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, हाल में बाजार तीन महीने के निचले स्तर को छूने के बाद राहत की रैली देखी गई, जिसका मुख्य कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी और अच्छे ग्लोबल संकेत हैं। हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद पर सहमति न बनने से अनिश्चितता बरकरार है, जिसका असर एक्सपोर्ट और भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। सोमवार को बाजार की मजबूत शुरूआत हुई थी।
इधर, अमेरिका ने चीन के आयातित सामानों पर भारी टैरिफ लगाने की योजना को 90 दिनों के लिए टाल दिया है। यह टैरिफ मंगलवार से लागू होना था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे नवंबर के मध्य तक बढ़ाने का आदेश दिया. वैश्विक बाजार की बात करें तो जापान का निक्केई 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ, आस्ट्रेलिया का अर 200 0.13 प्रतिशत चढ़ा। साउथ कोरिया का केओएसपीआई 0.81 फीसदी ऊपर गया और चीन का सीएसआई 0.36 प्रतिशत बढ़ा।


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भारतीय शेयर बाजार में आज बढ़त दर्ज की गई। बुधवार को शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 303.73 अंक चढ़कर 74,222.49 पर पहुंचा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक- निफ्टी 85.40 अंकों की बढ़त के साथ 23,327.50 पर पहुंचा।
भारतीय शेयर बाजार में आज तेजी देखी गई। जबकि सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं ग्लोबल मार्केट में तेजी- अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की खरीदारी और एशियाई बाजारों में, खासतौर पर दक्षिण कोरिया के कोस्पी में आए उछाल ने घरेलू निवेशकों के सेंटिमेंट को सुधारा है।
मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच एक बार फिर संघर्ष बढ़ने के बाद आज शेयर मार्केट की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इरए सेंसेक्स एक फीसदी से ज्यादा गिर गया। बाजार में गिरावट के बीच रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर दिख रहा है।
रसोई गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा हो गया है। नई दरें रात 12 बजे से लागू हो गई हैं। दिल्ली में अब 14.2 किलो वाला गैस सिलेंडर 913 से बढ़कर 942 रुपए का मिलेगा। तीन महीने में दूसरी बार एलपीजी की कीमत बढ़ाई गई है।
RBI MPC Meeting Decisions: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। जानिए महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और प्लास्टिक नोटों को लेकर केंद्रीय बैंक की क्या योजना है।
भारतीय अर्थव्यवस्था ने पकड़ी तेज रफ्तार। MoSPI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7% रही, जबकि चौथी तिमाही में यह 7.8% दर्ज की गई। रियल और नॉमिनल जीडीपी की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से द्विपक्षीय व्यापार समझौते और सेक्शन 301 टैरिफ उपायों को लेकर गहन चर्चा चल रही है। जानिए 7 जुलाई को होने वाले अंतिम फैसले और वाणिज्य मंत्रालय के इस कदम के मायने।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।