हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज यानी गुरुवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला। वहीं पिछले दिन बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 283.29 अंक उछलकर 83,734.25 अंक पर बंद हुआ था, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 93.95 अंक की बढ़त के साथ 25,819.35 पर बंद हुआ था।
By: Arvind Mishra
Feb 19, 202611:49 AM
मुंबई। स्टार समाचार वेब
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज यानी गुरुवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला। वहीं पिछले दिन बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 283.29 अंक उछलकर 83,734.25 अंक पर बंद हुआ था, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 93.95 अंक की बढ़त के साथ 25,819.35 पर बंद हुआ था। दरअसल, भारतीय शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ की। इस दौरान इरए का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 146 अंक या 0.17 परसेंट ऊपर 83880 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 19 अंकों या 0.07 परसेंट की बढ़त के साथ 25839 पर ओपेनिंग की। ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 0.02 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती कारोबार में 0.17 प्रतिशत बढ़ा।
एशियाई बाजारों में तेजी
वॉल स्ट्रीट पर रातोंरात बढ़त के बाद गुरुवार को एशियाई इंडेक्स में तेजी देखी गई। जापान का निक्केई 225 0.52 परसेंट चढ़ा, जबकि टॉपिक्स ने 0.39 परसेंट की बढ़त हासिल की। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 2.76 परसेंट उछलकर नए रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया। इसी तरह से स्मॉल-कैप कोस्डैक भी 0.59 परसेंट आगे बढ़ा। लूनर न्यू ईयर की छुट्टी के चलते हांगकांग और चीन में बाजार बंद रहे।
वॉल स्ट्रीट का हाल
अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान निवेशकों का ध्यान फेडरल रिजर्व की बैठक के जारी मिनट्स पर रहा। एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.56 परसेंट चढ़कर 6881.31 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट ने 0.78 परसेंट की बढ़त हासिल की और 22753.63 पर बंद हुआ। इस दौरान डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 129.47 पॉइंट्स या 0.26 परसेंट चढ़ा और 49,662.66 पर बंद होने में कामयाब रहा।
यूएस फेड मीटिंग मिनट्स
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछले महीने हुई मीटिंग के मिनट्स तीन हफ्ते बाद 18 फरवरी को जारी किए गए। यह आमतौर पर पहले हुई मॉनिटरी-पॉलिसी की बैठक का एक विस्तृत रिकॉर्ड है। यूएस फेडरल रिजर्व के अधिकारी पहले ही इस बात का संकेत दे चुके हैं कि इंटरेस्ट रेट में आने वाले समय में कोई बदलाव नहीं होगा। इनमें से अधिकतर का ये मानना था कि ब्याज दरों में कटौती से पहले महंगाई का क्या रूख रहेगा इस पर ज्यादा ध्यान देना होगा-इस प्रोसेस में महीनों लग सकते हैं। 27-28 जनवरी की मीटिंग में दो अधिकारी ब्याज दरों को स्थिर रखे जाने के फैसले का विरोध करते नजर आए। मीटिंग के मिनट्स से पता चला कि दूसरे अधिकारी रेट में कटौती या रेट में बढ़ोतरी की संभावना को बराबर बताते हुए न्यूट्रल बने रहे।