संसद के बजट सत्र का बुधवार को छठा दिन था। पीएम नरेंद्र मोदी भी शाम 5 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन को संबोधित कर सकते हैं। इससे पहले वाणिज्य मंत्री ने लोकसभा में अमेरिका से टैरिफ डील पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि डील ऐतिहासिक है। भारत के कृषि और खाद्य क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा गया है।
By: Arvind Mishra
Feb 04, 20261:48 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
संसद के बजट सत्र का बुधवार को छठा दिन था। पीएम नरेंद्र मोदी भी शाम 5 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन को संबोधित कर सकते हैं। इससे पहले वाणिज्य मंत्री ने लोकसभा में अमेरिका से टैरिफ डील पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि डील ऐतिहासिक है। भारत के कृषि और खाद्य क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा गया है। यह डील भारत के विकास में बेहद फायदेमंद होगी। भाषण के दौरान विपक्षी सांसद हंगामा करते रहे। विपक्ष ने राहुल गांधी को बोलने दो, नरेंद्र मोदी-सरेंडर मोदी और डरता है डरता है नरेंद्र मोदी डरता है.. के नारे लगाए। दरअसल, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इसमें देश के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। गोयल ने बजट सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्षी सासंदों के शोर के बीच कहा कि इस डील में देश के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया। इस डील से कृषि क्षेत्र के हितों की रक्षा होगी और अमेरिकी बाजार में भारत का निर्यात बढ़ेगा।
दुग्ध क्षेत्र में भी हित सुरक्षित
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार कृषि क्षेत्रों की रक्षा में सफल रही और कई क्षेत्रों पर चर्चा के बाद अमेरिका के साथ डील पर सहमति बनी है। दुग्ध क्षेत्र में भी हमारे हित सुरक्षित हैं और डील से दोनों देशों को फायदा होगा। 2 फरवरी को पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मामलों पर टेलीफोन पर बातचीत की। इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि यह टैरिफ कई प्रतिस्पर्धी देशों पर अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ से कम है।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री ने कहा- अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर में अपने हितों की रक्षा करने में कामयाब रहा है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लिए पहलों को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
यह भी पढ़िए...