भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में इमारतों के नाम बदलने का प्रस्ताव रखने पर भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव को जान का खतरा महसूस हुआ। उन्होंने दो पार्षदों पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए डीजीपी से अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

भोपाल: स्टार समाचार वेब
भोपाल नगर निगम के वार्ड-12 से भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने परिषद की बैठक में इमारतों के नाम बदलने का प्रस्ताव रखने के बाद खुद को और अपने परिवार को जान का खतरा बताया है। उन्होंने इस संबंध में डीजीपी और कमिश्नर से सुरक्षा की मांग की है। बुधवार को उनके समर्थन में कई लोग गौतम नगर थाने भी पहुंचे और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग को लेकर आवेदन दिया।
क्या है पूरा मामला?
पार्षद भार्गव ने बताया कि 24 जुलाई को आईएसबीटी सभागार में हुई परिषद की बैठक के दौरान उन्होंने कुछ इमारतों के नाम बदलने का प्रस्ताव पेश किया था। उनके अनुसार, इस प्रस्ताव पर वार्ड-42 के पार्षद अजीजुद्दीन और वार्ड-77 के पार्षद दानिश खान ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पार्षद हाथापाई पर उतारू हो गए, और अन्य पार्षदों को बीच-बचाव करना पड़ा।
भार्गव का आरोप है कि इसी दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। उन्होंने डीजीपी और कमिश्नर को अपनी शिकायत में कहा है कि इस घटना के बाद उन्हें और उनके परिवार को किसी भी अनहोनी का डर सता रहा है।
समर्थन में आए लोग: बुधवार को पार्षद देवेंद्र भार्गव के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग गौतम नगर थाने पहुंचे। इनमें व्यापारी, वार्ड-12 के निवासी और उत्तर विधानसभा विधि प्रकोष्ठ भाजपा के अधिवक्ता शामिल थे। इन सभी ने पार्षद और उनके परिजनों के लिए तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।